टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स को आने वाले त्योहारी सीजन में इलेक्ट्रिक कारों की मांग और बढ़ने की उम्मीद है. कंपनी के मुताबिक, फिलहाल EV की मांग सप्लाई से काफी ज्यादा है. कंपनी ने मांग को पूरा करने के लिए अपना उत्पादन भी बढ़ाया है.

EV की मांग 33.5 गुना बढ़ी

टाटा मोटर्स के ने बताया कि फरवरी के मुकाबले अब कंपनी की EV की मांग करीब 3से 3.5 गुना बढ़ चुकी है. उनका कहना है कि EV बाजार में नए मॉडल आने के बावजूद सप्लाई अभी सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है.

कंपनी ने FY27 की पहली तिमाही में अब तक की सबसे ज्यादा 34,000 से अधिक EV यूनिट्स बेचीं. कुल बिक्री में EV की हिस्सेदारी करीब 20 फीसदी रही. जुलाई में ही Tata Motors ने 15,000 पैसेंजर व्हीकल्स की थोक बिक्री दर्ज की.

प्रोडक्शन कैपेसिटी भी बढ़ाई

बढ़ती मांग को देखते हुए कंपनी ने अपनी उत्पादन क्षमता को करीब 9,000 यूनिट से बढ़ाकर 15,000 से ज्यादा यूनिट कर दिया है. आने वाले महीनों में इसे और बढ़ाने की योजना है. में EV बिक्री में 70 फीसदी से ज्यादा बढ़ोतरी की उम्मीद कर रही है. कंपनी EV बाजार में अपनी हिस्सेदारी 40 फीसदी से ऊपर ले जाने का टारगेट भी रखती है.

Q2 में बढ़ सकती है लागत की परेशानी

कंपनी के लिए दूसरी तिमाही यानी Q2 में कच्चे माल की बढ़ती कीमतें बड़ी चुनौती बन सकती हैं. Tata Motors के मुताबिक, पहली तिमाही में कमोडिटी की कीमतों का असर कंपनी के रेवेन्यू पर करीब 4.5 फीसदी रहा.जून 2026 को खत्म हुई तिमाही में कंपनी का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट 80 फीसदी घटकर 775 करोड़ रुपये रह गया, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह 3,924 करोड़ रुपये था.

बढ़ती लागत का पूरा बोझ ग्राहकों पर डालने के बजाय कंपनी लागत कम करने पर जोर देगी और जरूरत के हिसाब से धीरेधीरे कीमतों में बदलाव करेगी.

Sierra की मांग भी मजबूत

कंपनी को Sierra की मांग भी काफी मजबूत मिल रही है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। इसके EV वर्जन के आने से मांग और बढ़ी है. हालांकि, कास्टिंग और शीटमेटल की सप्लाई में कुछ दिक्कतें आई हैं. कंपनी को उम्मीद है कि अक्टूबर से अतिरिक्त क्षमता शुरू होने के बाद स्थिति बेहतर होगी.

नए देशों में कारें भेजेगी कंपनी

Tata Motors विदेशों में भी अपना कारोबार बढ़ाने की तैयारी कर रही है. दक्षिण अफ्रीका में बिक्री बढ़ रही है और कंपनी को आने वाली तिमाही में भी अच्छी रफ्तार की उम्मीद है.

अप्रैलजुलाई 2026 के दौरान कंपनी के एक्सपोर्ट 2,432 यूनिट्स रहे, जबकि पिछले साल इसी अवधि में 1,035 यूनिट्स का निर्यात हुआ था. कंपनी FY27 के अंत या FY28 की शुरुआत तक एक और बड़े विदेशी बाजार में एंट्री करने की योजना बना रही है.

आगे भी EV और CNG पर फोकस

Tata Motors को उम्मीद है कि FY27 की दूसरी तिमाही में पैसेंजर व्हीकल बाजार करीब **1520 फीसदी** बढ़ सकता है. हालांकि, साल की दूसरी छमाही में पिछले साल की मजबूत बिक्री के कारण ग्रोथ थोड़ी धीमी हो सकती है.

कंपनी के लिए EV और CNG आगे भी अहम ग्रोथ क्षेत्र रहेंगे. हालांकि, अगर ग्राहकों की पसंद हाइब्रिड कारों की तरफ जाती है, तो Tata Motors का कहना है कि वह बाजार की जरूरत के हिसाब से बदलाव करने के लिए तैयार है.