DLF Q1 Results: देश की दिग्गज रियल एस्टेट कंपनी DLF ने चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के नतीजे घोषित कर दिए हैं. निवेशकों और बाजार के लिए ये आंकड़े थोड़ा चौंकाने वाले हैं. एक तरफ जहां कंपनी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 4.1 फीसदी बढ़कर 793.9 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, वहीं दूसरी तरफ कंपनी की कुल कमाई में 52.9 फीसदी की भारी गिरावट दर्ज की गई है. रेवेन्यू घटकर 1,280.3 करोड़ रुपये रह गया है, जो ठीक एक साल पहले इसी तिमाही में 2,716.7 करोड़ रुपये था. सोमवार को नतीजों के बाद DLF का शेयर 0.62% की मामूली बढ़त के साथ 663 रुपये पर बंद हुआ.

मुनाफे में उछाल लेकिन रेवेन्यू ने किया निराश

किसी भी कंपनी की सेहत का अंदाजा उसके रेवेन्यू और मुनाफे से लगाया जाता है. DLF ने मुनाफे के मोर्चे पर तो खुद को साबित किया है, लेकिन कंपनी का ऑपरेशनल प्रदर्शन इस बार काफी कमजोर रहा. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। जून तिमाही में कंपनी का एबिटडा 58.7 फीसदी की तेज गिरावट के साथ 150.3 करोड़ रुपये पर आ गया. पिछले साल यह 364.2 करोड़ रुपये था. इसके साथ ही मार्जिन भी 13.4 फीसदी से गिरकर 11.7 फीसदी रह गया. हालांकि, इन चुनौतियों के बीच भी कंपनी अपना ग्रॉस मार्जिन 51 फीसदी पर बनाए रखने में सफल रही है. सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि कंपनी ने इस दौरान 1,317 करोड़ रुपये का शानदार ऑपरेटिंग कैश फ्लो जनरेट किया, जिससे DLF की कुल नेट कैश पोजिशन अब 15,200 करोड़ रुपये के मजबूत स्तर पर पहुंच गई है.

प्रोजेक्ट्स की लॉन्चिंग में देरी से बिगड़ा खेल

बिक्री के मोर्चे पर निवेशकों को इस बार थोड़ी निराशा हाथ लगी है. जून तिमाही में DLF की नई सेल्स बुकिंग महज 657 करोड़ रुपये रही. इस सुस्ती के पीछे सबसे बड़ी वजह नए प्रोजेक्ट्स की लॉन्चिंग में होने वाली देरी है. कंपनी प्रबंधन का साफ कहना है कि कुछ महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स को जरूरी सरकारी मंजूरियां मिलने में वक्त लग रहा है, जिसका सीधा असर सेल्स बुकिंग के आंकड़ों पर पड़ा है. हालांकि, मैनेजमेंट को पूरा भरोसा है कि ये मंजूरियां जल्द मिलेंगी. ग्राहकों की मजबूत मांग, कंपनी की ब्रांड वैल्यू और पाइपलाइन में मौजूद नए प्रोजेक्ट्स के दम पर DLF अपने भविष्य के ग्रोथ टारगेट हासिल करने को लेकर पूरी तरह आश्वस्त है.

रेंटल बिजनेस साबित हो रहा मास्टरस्ट्रोक

DLF सिर्फ घर ही नहीं बनाती, बल्कि कमर्शियल और रेंटल स्पेस में भी इसका बड़ा दबदबा है. मौजूदा समय में कंपनी का करीब 5 करोड़ वर्ग फुट का रेंटल पोर्टफोलियो है, जिसमें 95% से ज्यादा ऑक्यूपेंसी है. यानी कंपनी की लगभग सभी जगहें किराए पर चढ़ी हुई हैं. यह सेगमेंट कंपनी को लगातार एक सुरक्षित और मजबूत कैश फ्लो दे रहा है. चालू वित्त वर्ष में कंपनी रिटेल सेक्टर में अपने पंख और फैलाने जा रही है. नई दिल्ली में ‘DLF Midtown Plaza’, गुरुग्राम में ‘DLF Summit Plaza’ और गोवा में ‘DLF Promenade’ जैसे तीन बड़े प्रोजेक्ट्स शुरू होने वाले हैं, जो करीब 15 लाख वर्ग फुट एरिया कवर करेंगे.

DCCDL का रेवेन्यू 1,917 करोड़ रुपये

मूल कंपनी के साथसाथ इसकी सहयोगी कंपनी DLF Cyber City Developers Limited ने भी शानदार प्रदर्शन किया है. जून तिमाही में DCCDL का रेवेन्यू 1,917 करोड़ रुपये रहा. इसका एबिटडा 9 फीसदी बढ़कर 1,474 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 21 फीसदी के शानदार उछाल के साथ 717 करोड़ रुपये दर्ज किया गया. कंपनी प्रबंधन का विजन बिल्कुल साफ है. भारीभरकम लैंड बैंक, नए प्रोजेक्ट्स की लंबी कतार और मजबूत बैलेंस शीट के सहारे DLF रियल एस्टेट सेक्टर में जारी मौजूदा बूम का पूरा फायदा उठाने की तैयारी में है. आम निवेशकों की नजर अब इस बात पर रहेगी कि कंपनी के अटके हुए प्रोजेक्ट्स को कब तक मंजूरी मिलती है.

Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए. TV9 भारतवर्ष अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है.