Bareilly News: उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के भोजीपुरा थाना क्षेत्र से जुड़े दहेज हत्या के बहुचर्चित मामले में अपर सत्र न्यायाधीश अमृता शुक्ला की अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है. अदालत ने साक्ष्यों और मृतका के 5 वर्षीय बेटे की गवाही का अवलोकन करते हुए आरोपी ससुर हेतराम को सभी आरोपों से दोषमुक्त कर दिया. पूरा मामला भोजीपुरा थाना क्षेत्र के गांव खानपुर का है. मृतका बरखा गुप्ता के मायके वालों ने आरोप लगाया था कि शादी के बाद से ही दहेज के लिए उसे प्रताड़ित किया जाता था और बाद में उसकी हत्या कर दी गई.

पुलिस जांच के बाद मृतका के पति नरेश और ससुर हेतराम के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था. मृतका के बेटे ऋषि ने कोर्ट में बताया कि घटना वाले दिन वह स्कूल नहीं गया था. उसके पिता अचार बेचने और दादा खेत पर गए हुए थे. बच्चे ने बताया कि उसकी मां ने उसे बिस्तर पर लिटाया, फिर कुर्सी पर चढ़कर पंखे में चुनरी बांधी और फंदा लगा लिया.

मां के कहने पर उसने कुर्सी हटा दी, जिससे मां गिर गई. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था और बच्चे के रोने पर पड़ोसियों ने खिड़की के रास्ते अंदर पहुंचकर पुलिस को सूचना दी.

पति की जेल में मौत और कोर्ट का अंतिम फैसला

केस की सुनवाई के दौरान ही पति नरेश की तबीयत बिगड़ने पर उसे मेरठ के लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था, जहां बीमारी से उसकी मौत हो गई थी. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि केवल संदेह के आधार पर सजा नहीं दी जा सकती. ठोस साक्ष्य न होने और मासूम की निष्पक्ष गवाही को देखते हुए ससुर हेतराम को बरी कर दिया गया.