Ajinkya Rahane Retirement: भारतीय क्रिकेट के अनुभवी बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया है। टीम इंडिया को ऑस्ट्रेलिया में ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज जिताने वाले 38 वर्षीय रहाणे ने आज गुरुवार 30 जुलाई को सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट साझा करते हुए अपने शानदार क्रिकेट करियर को विराम देने की घोषणा की। इसके साथ ही उन्होंने साफ कर दिया कि अब वह इंडियन प्रीमियर लीग में भी खेलते नजर नहीं आएंगे।

इमोशनल पोस्ट के साथ किया संन्यास का ऐलान
रहाणे ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म इंस्टाग्राम पर लिखा,कैप नंबर 278… अब यहीं विराम। वर्षों तक मिले प्यार, विश्वास और समर्थन के लिए आप सभी का दिल से धन्यवाद। मैं हमेशा आपका आभारी रहूंगा। अपने इस संदेश में उन्होंने प्रशंसकों, साथी खिलाड़ियों, कोचों और भारतीय क्रिकेट से जुड़े हर व्यक्ति का आभार जताया। उनके इस पोस्ट के बाद फैंस और क्रिकेट जगत के कई दिग्गजों ने उन्हें शानदार करियर के लिए शुभकामनाएं दीं।
बल्लेबाजी के साथ कप्तानी में भी छोड़ी अमिट छाप
अजिंक्य रहाणे उन चुनिंदा भारतीय खिलाड़ियों में शामिल रहे जिन्होंने टेस्ट, वनडे और टी20—तीनों फॉर्मेट में टीम इंडिया की कप्तानी की। टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने छह मैचों में भारत की कमान संभाली, जिसमें चार मुकाबलों में जीत मिली, जबकि दो मैच ड्रॉ रहे। खास बात यह रही कि उनकी कप्तानी में भारत ने एक भी टेस्ट मैच नहीं गंवाया।
वनडे में उन्होंने तीन मैचों में कप्तानी करते हुए सभी मुकाबले जीते, जबकि टी20 इंटरनेशनल में दो मैचों में टीम का नेतृत्व किया, जिसमें एक जीत और एक हार मिली।
शानदार रहा अंतरराष्ट्रीय और IPL करियर
रहाणे ने भारत के लिए 85 टेस्ट, 90 वनडे और 20 टी20 इंटरनेशनल मुकाबले खेले। तीनों प्रारूपों में उन्होंने 195 पारियों में 8,414 रन बनाए। इस दौरान उनके बल्ले से 15 शतक और 51 अर्धशतक निकले।
आईपीएल में भी रहाणे का सफर यादगार रहा। उन्होंने कोलकाता नाइट राइडर्स, चेन्नई सुपर किंग्स, राजस्थान रॉयल्स, दिल्ली कैपिटल्स, मुंबई इंडियंस और राइजिंग पुणे सुपरजायंट जैसी टीमों का प्रतिनिधित्व किया। 212 आईपीएल मैचों में उन्होंने 5,367 रन बनाए, जिसमें 2 शतक और 35 अर्धशतक शामिल हैं। पिछले सीजन में वह कोलकाता नाइट राइडर्स के कप्तान थे।
ऑस्ट्रेलिया में रची थी ऐतिहासिक जीत की कहानी
अजिंक्य रहाणे के करियर का सबसे यादगार पल 202021 का ऑस्ट्रेलिया दौरा रहा। एडिलेड टेस्ट में भारत की हार और विराट कोहली की गैरमौजूदगी के बाद उन्होंने कप्तानी संभाली। मेलबर्न टेस्ट में शानदार शतक जड़कर उन्होंने टीम की वापसी कराई।
इसके बाद युवा खिलाड़ियों से सजी भारतीय टीम ने ब्रिस्बेन के गाबा मैदान पर ऑस्ट्रेलिया को हराकर 21 से टेस्ट सीरीज अपने नाम की। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। यह जीत भारतीय क्रिकेट इतिहास की सबसे ऐतिहासिक उपलब्धियों में गिनी जाती है और रहाणे की कप्तानी को हमेशा याद किया जाएगा।
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टेस्ट करियर पर एक नजर
मैच: 85
रन: 5,077
औसत: 38.46
शतक: 12
अर्धशतक: 26
चौके: 578
छक्के: 35
स्ट्राइक रेट: 49.50
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