Vaibhav Sooryavanshi overtooks sachin Tendulkar: भारतीय क्रिकेट के इतिहास में कई ऐसी पटकथाएं लिखी गई हैं, जिन्होंने खेल प्रेमियों को झूमने पर मजबूर कर दिया है. लेकिन जब महज 15 साल का एक युवा बल्लेबाज मैदान पर उतरकर बड़ेबड़े दिग्गजों के कीर्तिमान ध्वस्त कर दे, तो वह सिर्फ एक पारी नहीं, बल्कि एक नए युग का आगाज बन जाता है. इंग्लैंड की मुश्किल और तेज पिचस्थितियों में अंतरराष्ट्रीय डेब्यू करने के बाद वैभव सूर्यवंशी की शुरुआत बहुत अच्छी नहीं रही थी. जिम्बाब्वे के खिलाफ खेली गई टी20 सीरीज के पहले ही मुकाबले में वैभव ने अपनी ऐसी छाप छोड़ी कि रिकॉर्ड बुक के पन्ने दोबारा लिखे जाने लगे.

इंग्लैंड की चुनौतीपूर्ण सरजमीं पर अपने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का आगाज करने वाले वैभव सूर्यवंशी के लिए शुरुआती तीन पारियां बेहद निराशाजनक रही थीं. इंटरनेशनल क्रिकेट की रफ्तार और दबाव के बीच वह बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे थे. लेकिन जिम्बाब्वे के खिलाफ हरारे में हुए टी20 मुकाबले में उन्होंने सभी आलोचकों को अपने बल्ले से करारा जवाब दिया.
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जिम्बाब्वे के गेंदबाजों के खिलाफ वैभव ने क्रीज पर कदम रखते ही आक्रामक रुख अपनाया. उन्होंने मैदान के चारों तरफ चौकों और छक्कों की बरसात करते हुए महज 18 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा कर लिया. इस आतिशी पारी ने जिम्बाब्वे के गेंदबाजी आक्रमण की धज्जियां उड़ा दीं.
जिम्बाब्वे के खिलाफ जब वैभव ने अपना पहला इंटरनेशनल अर्धशतक पूरा किया, तब उनकी उम्र 15 साल 118 दिन थी. इस पारी के साथ ही वह टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के इतिहास में सबसे कम उम्र में पहला अर्धशतक जड़ने वाले खिलाड़ी बन गए. उन्होंने दुनिया भर के युवा खिलाड़ियों को पीछे छोड़ते हुए यह अनोखा वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम किया
टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में इससे पहले सबसे कम उम्र में अर्धशतक लगाने का रिकॉर्ड जिब्रॉल्टर के लुईस ब्रूस के नाम था. ब्रूस ने साल 2021 में माल्टा के खिलाफ अल्बरजारिया में 16 साल 56 दिन की उम्र में पचासा ठोका था. वैभव ने 15 साल 118 दिन की उम्र में यह कारनामा कर ब्रूस का सालों पुराना रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया.
वैभव के इस रिकॉर्ड के बाद टी20 अंतरराष्ट्रीय में सबसे कम उम्र में पचासा जड़ने वाले खिलाड़ियों की सूची पूरी तरह बदल गई है. इस लिस्ट में इंडोनेशिया के केविन चढ्ढा , सेरा लियोन के अलुसिन टुरे और भूटान के तेंजिन रबगे जैसे नाम शामिल हैं, जिन्हें वैभव ने काफी पीछे छोड़ दिया.
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वैभव सूर्यवंशी की इस पारी का सबसे बड़ा और यादगार पहलू यह रहा कि उन्होंने क्रिकेट के ‘भगवान’ कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर का सालों पुराना कीर्तिमान ध्वस्त कर दिया. वैभव अब फुल मेंबर देशों के लिहाज से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे कम उम्र में अर्धशतक लगाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं.
सचिन तेंदुलकर ने 1989 में पाकिस्तान के खिलाफ फैसलाबाद टेस्ट में 16 साल 213 दिन की उम्र में अपना पहला अंतरराष्ट्रीय अर्धशतक जड़ा था. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। सचिन का यह रिकॉर्ड दशकों तक अटूट रहा. लेकिन वैभव ने 15 साल 118 दिन की उम्र में टी20I में पचासा लगाकर मास्टरब्लास्टर के इस भव्य रिकॉर्ड को अपने नाम कर लिया.
फुल मेंबर टीमों के सबसे युवा अर्धशतकवीरों की सूची में पाकिस्तान के पूर्व दिग्गज शाहिद अफरीदी भी शामिल थे, जिन्होंने 1996 में नैरोबी में श्रीलंका के खिलाफ 16 साल 214 दिन की उम्र में वनडे पचासा जड़ा था. इसके अलावा पाकिस्तान के मुश्ताक मोहम्मद और बांग्लादेश के मोहम्मद अशरफुल का नाम भी इस सूची में दर्ज था, जो अब वैभव के तूफान के आगे पीछे छूट गए हैं.
वैभव सूर्यवंशी का यह अर्धशतक न केवल विश्व स्तर पर बल्कि भारतीय क्रिकेट के इतिहास में भी एक नया मील का पत्थर बन गया है. वह किसी भी प्रारूप में भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पचासा लगाने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बन चुके हैं.
अगर दुनिया भर के सभी देशों के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट इतिहास पर नजर डालें, तब भी वैभव का नाम सबसे ऊपर ही आता है. फुल मेंबर टीमों के अलावा एसोसिएट देशों में नेपाल के कुशल मल्ला ही 16 साल से कम उम्र में ऐसा कर पाए थे. कुशल मल्ला ने साल 2020 में कीर्तिपुर में अमेरिका के खिलाफ वनडे में 15 साल 340 दिन की उम्र में अर्धशतक बनाया था. वैभव ने 15 साल 118 दिन की उम्र में यह कारनामा कर पूरे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पहला स्थान हासिल कर लिया.



