दो साल पहले लगी चोटों ने मयंक यादव के करियर पर गहरा विराम लगा दिया था, लेकिन अब उन्होंने वापसी कर ली है। जिम्बाब्वे के खिलाफ एक रोमांचक मैच में, दिल्ली के इस युवा तेज गेंदबाज ने 149 किमी/घंटा की रफ्तार से गेंदबाजी करते हुए 2 रन देकर 2 विकेट लिए। इस तूफानी प्रदर्शन ने न केवल टीम को जीत दिलाई, बल्कि यह भी साबित कर दिया कि भारतीय क्रिकेट बोर्ड का उन पर भरोसा कभी कम नहीं हुआ था।

पिता की मन्नत और गोवर्धन परिक्रमा

मयंक के पिता ने बेटे के करियर में आई बाधाओं को दूर करने और उसकी फिटनेस के लिए मथुरा में पवित्र गोवर्धन परिक्रमा की थी। यह परिक्रमा उनके लिए एक मन्नत की तरह थी, जो अब पूरी होती दिख रही है। पिता की प्रार्थना और मन्नत का असर रहा कि मयंक ने चोटों से उबरकर मैदान पर शानदार वापसी की।

तूफानी गेंदबाजी का प्रदर्शन

मैच के दौरान मयंक यादव की गेंदबाजी देखने लायक थी। उन्होंने अपनी गति से जिम्बाब्वे के बल्लेबाजों को परेशान किया और महत्वपूर्ण विकेट चटकाए। 149 किमी/घंटा की रफ्तार से की गई उनकी गेंदबाजी ने सभी को प्रभावित किया और यह याद दिलाया कि वह भारतीय क्रिकेट के भविष्य के लिए कितने महत्वपूर्ण खिलाड़ी हैं।

BCCI का अटूट विश्वास

चोटों के बावजूद, भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने कभी भी मयंक यादव की काबिलियत पर शक नहीं किया। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। उन्होंने लगातार मयंक का समर्थन किया और उन्हें वापसी के लिए प्रोत्साहित किया। आज मयंक के शानदार प्रदर्शन ने बोर्ड के विश्वास को सही साबित कर दिया है।