: देश में E20 पेट्रोल की गुणवत्ता को लेकर उठे सवालों के बीच सरकारी तेल कंपनियों ने अपनी सफाई दी है। कर्नाटक के कुछ पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल में 26 से 31 फीसदी तक एथेनॉल मिलाए जाने के दावे सामने आए थे। इन दावों पर इंडियन ऑयल , भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम ने जांच के आंकड़े साझा किए हैं। कंपनियों के अनुसार, 27 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में जांचे गए 893 सैंपल में एथेनॉल की मात्रा तय 19 से 21 फीसदी की सीमा के भीतर मिली। इनमें कर्नाटक के 56 सैंपल भी शामिल हैं।

क्या है E20 पेट्रोल में ज्यादा एथेनॉल का पूरा मामला?

दरअसल, हाल ही में कर्नाटक के कुछ पेट्रोल पंपों पर मिलने वाले E20 पेट्रोल में तय मानक से ज्यादा एथेनॉल होने की खबरें सामने आई थीं। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि इन पंपों पर पेट्रोल में एथेनॉल की मात्रा 26 से 31 फीसदी तक थी। इन खबरों के बाद पेट्रोल की गुणवत्ता और वाहनों पर इसके संभावित असर को लेकर सवाल उठने लगे। मामला चर्चा में आने के बाद देश की तीनों प्रमुख सरकारी तेल कंपनियों ने जांच से जुड़े आंकड़े जारी कर अपना पक्ष रखा।

इंडियन ऑयल ने क्या कहा?

Recent claims of excessive ethanol blending at certain retail outlets in Karnataka are not supported by testing conducted through prescribed procedures.

All 893 samples tested across 27 States and UTs, including 56 from Karnataka, were found to be within the prescribed 19–21%… pic.twitter.com/liSLnHefDl

— Indian Oil Corp Ltd November 6, 2026

 ने अपने आधिकारिक X अकाउंट पर बताया कि कर्नाटक के कुछ रिटेल आउटलेट्स पर ज्यादा एथेनॉल मिलाने के दावों की निर्धारित प्रक्रिया के तहत जांच की गई। कंपनी के मुताबिक, 27 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लिए गए 893 सैंपल में से किसी में भी तय सीमा से ज्यादा एथेनॉल नहीं मिला। सभी सैंपल में इसकी मात्रा 19 से 21 फीसदी के बीच रही। कंपनी ने बताया कि इन सैंपल में कर्नाटक के 56 सैंपल भी शामिल थे। इंडियन ऑयल ने यह भी कहा कि उसने BPCL और HPCL के साथ मिलकर कर्नाटक सरकार से संयुक्त और पारदर्शी जांच कराने का अनुरोध किया है। कंपनी का कहना है कि इससे पूरे मामले की सच्चाई सामने लाने में मदद मिलेगी।

BPCL ने कर्नाटक के सैंपल को लेकर क्या बताया?

Clarification on E20 petrol: claims of 26–31% ethanol at some Karnataka outlets are not based on prescribed testing. All 893 samples tested across 27 States & UTs, including 56 from Karnataka, were within the 19–21% range. Rely only on official sources.

BPCL, IOCL and HPCL have… pic.twitter.com/haYBD2Uvt1

— Bharat Petroleum November 6, 2026

ने भी इन दावों को लेकर अपना पक्ष रखा है। कंपनी के मुताबिक, कर्नाटक में जांचे गए 56 सैंपल में एथेनॉल की मात्रा 19 से 20 फीसदी के बीच पाई गई। इनका औसत एथेनॉल कंटेंट 19.3 फीसदी दर्ज किया गया। BPCL ने बताया कि सैंपल की जांच IS 17021 मानक के तहत की गई थी। कंपनी के अनुसार, एथेनॉल की ब्लेंडिंग रिफाइनरी और डिपो में ऑटोमेटेड सिस्टम के जरिए होती है। इसके लिए कैलिब्रेटेड मशीनों का इस्तेमाल किया जाता है। यह प्रक्रिया मैनुअल नहीं है। कंपनी ने यह भी कहा कि पेट्रोल पंपों तक पहुंचने से पहले ईंधन की गुणवत्ता की जांच की जाती है, ताकि वह निर्धारित मानकों के अनुरूप रहे।

HPCL ने भी दावों को बताया जांच में अपुष्ट

Clarification on E20 petrol: Reports of 26–31% ethanol content at certain Karnataka fuel outlets are not supported by testing conducted as per prescribed standards.

All 893 samples tested across 27 States and UTs, including 56 from Karnataka, were found compliant with the… pic.twitter.com/gOxmZHRA8n

— Hindustan Petroleum Corporation Limited November 6, 2026

हिंदुस्तान पेट्रोलियम ने भी अपने आधिकारिक X अकाउंट पर बयान जारी किया। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। कंपनी के मुताबिक, कर्नाटक के कुछ पेट्रोल पंपों पर 26 से 31 फीसदी एथेनॉल होने के दावों की पुष्टि निर्धारित मानकों के तहत की गई जांच में नहीं हुई है। HPCL ने भी 27 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में जांचे गए 893 सैंपल का हवाला दिया। कंपनी के अनुसार, इनमें कर्नाटक के 56 सैंपल शामिल थे और सभी में एथेनॉल की मात्रा 19 से 21 फीसदी के बीच मिली।

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क्या है E20 पेट्रोल?

E20 पेट्रोल ऐसा ईंधन है जिसमें 20 फीसदी एथेनॉल और बाकी हिस्सा पेट्रोल होता है। एथेनॉल मुख्य रूप से गन्ने और मक्का जैसी फसलों से तैयार किया जाता है। पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने का उद्देश्य कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करना और पारंपरिक ईंधन के इस्तेमाल को घटाना है। फिलहाल, कर्नाटक में ज्यादा एथेनॉल मिलाने के दावों पर तेल कंपनियों ने अपनी जांच के नतीजे सामने रखे हैं। हालांकि, तीनों कंपनियों ने राज्य सरकार से संयुक्त और पारदर्शी जांच की मांग भी की है। ऐसे में इस मामले में स्वतंत्र जांच के नतीजे सामने आने के बाद तस्वीर और साफ हो सकेगी।