दिवाली और फेस्टिव सीजन से ठीक पहले सोने और चांदी की खरीदारी करने की सोच रहे लोगों के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। मंगलवार, 3 नवंबर 2026 को बाजार खुलते ही दोनों कीमती धातुओं की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई है। बाजार खुलने के महज एक घंटे के भीतर ही सोना और चांदी औंधे मुंह गिर गए, जिससे खरीदारों के लिए यह एक सुनहरा मौका साबित हो सकता है। आइए इस पूरी खबर को विस्तार से आसान हिंदी में समझते हैं।

बाजार खुलते ही धड़ाम हुए दाम
मंगलवार की सुबह कारोबार की शुरुआत होते ही सर्राफा बाजार और मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी कमजोरी देखने को मिली। सुबह 10 बजे तक की स्थिति के अनुसार, दोनों धातुओं के दाम काफी नीचे आ चुके हैं:
- सोने की कीमत: एमसीएक्स पर दिसंबर डिलीवरी वाला सोना प्रति 10 ग्राम 1,38,875 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहा था। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। इस समय तक सोने की कीमत में 1,386 रुपये की सीधी गिरावट आ चुकी थी।
- चांदी की कीमत: वहीं, दिसंबर डिलीवरी वाली चांदी में 2 फीसदी से अधिक की बड़ी गिरावट दर्ज की गई और यह प्रति किलो 1,79,200 रुपये पर आ गई। इस स्तर तक पहुंचतेपहुंचते चांदी के दाम में 4,429 रुपये की भारी कमी आ चुकी थी।
- भविष्य का दायरा: बाजार के जानकारों का अनुमान है कि आने वाले कुछ दिनों तक घरेलू बाजार में सोने की कीमत 1,36,500 रुपये से लेकर 1,41,000 रुपये के दायरे के बीच बनी रह सकती है।
अमेरिका की मौद्रिक नीति और ब्याज दरों का असर
सोने और चांदी की कीमतों में इस उतारचढ़ाव के पीछे मुख्य रूप से वैश्विक कारण और अमेरिका में ब्याज दरों को लेकर बनी अनिश्चितता है।
कोटक महिंद्रा एएमसी के फंड मैनेजर सतीश डोंडापति के अनुसार, पिछले एक हफ्ते में अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत करीब 3 फीसदी तक गिर चुकी है, जिससे यह लगभग एक साल के निचले स्तर पर पहुंच गया है। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी और डॉलर की कमजोरी के कारण आम तौर पर सोने को समर्थन मिलना चाहिए था, लेकिन अमेरिकी फेडरल रिजर्व के सख्त रुख और ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनाए रखने की आशंकाओं ने सोने की कीमतों पर लगातार दबाव बना रखा है। फिलहाल जानकारों का मानना है कि इसमें तुरंत किसी बड़ी तेजी की उम्मीद कम है, लेकिन लंबी अवधि के लिहाज से निवेश के रूप में इसका महत्व अभी भी बरकरार है।
विशेषज्ञ की राय: क्या चल रहा है बाजार में?
एलकेपी सिक्योरिटीज के वाइस प्रेसिडेंट और कमोडिटी एंड करेंसी रिसर्च एनालिस्ट जतिन त्रिवेदी का कहना है कि फिलहाल सोने की कीमतों में अस्थिरता और उतारचढ़ाव का दौर जारी रह सकता है।
वर्तमान में घरेलू बाजार में सोना लगभग 1,38,300 रुपये और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कॉमेक्स गोल्ड करीब 3,900 डॉलर के आसपास कारोबार कर रहा है। इस समय निवेशक अमेरिकी फेडरल रिजर्व के अगले कदमों और बयानों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। जब तक ब्याज दरों को लेकर स्थिति पूरी तरह साफ नहीं हो जाती, तब तक बाजार में इसी तरह की हलचल बनी रहने की पूरी संभावना है।
सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट के 5 मुख्य कारण
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, कीमती धातुओं के दाम में आई इस गिरावट के पीछे निम्नलिखित पांच प्रमुख कारण जिम्मेदार हैं:
- बॉन्ड यील्ड में उछाल: अमेरिका में 10 साल के सरकारी बॉन्ड की यील्ड बढ़कर 5 फीसदी से ऊपर पहुंच गई है। इसके चलते निवेशकों को बॉन्ड में पैसा लगाने पर सुरक्षित और अच्छा रिटर्न मिल रहा है, जबकि सोने और चांदी से किसी तरह का नियमित ब्याज नहीं मिलता है। इसी वजह से कुछ निवेशक इन धातुओं से पैसा निकालकर बॉन्ड की तरफ रुख कर रहे हैं।
- महंगाई और भूराजनीतिक तनाव: अमेरिका में महंगाई अभी भी एक बड़ी चिंता बनी हुई है। ऊर्जा के बढ़ते दामों और ईरान से जुड़े तनाव के कारण महंगाई का दबाव लगातार बना हुआ है। ऐसे में आशंका है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को और बढ़ा सकता है या उन्हें लंबे समय तक ऊंचा रख सकता है, जिसका सीधा असर सोनेचांदी पर पड़ रहा है।
- मजबूत होता अमेरिकी डॉलर: अंतरराष्ट्रीय बाजार में अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने से सोने और चांदी की मांग पर विपरीत असर पड़ता है। चूंकि वैश्विक स्तर पर इन धातुओं की कीमत डॉलर में तय होती है, इसलिए डॉलर मजबूत होने पर अन्य देशों के खरीदारों के लिए सोनाचांदी महंगा हो जाता है, जिससे मांग कम होती है और कीमतों पर दबाव बनता है।
- शेयर बाजार से बिकवाली: शेयर बाजार में उतारचढ़ाव, विशेषकर टेक्नोलॉजी और एआई कंपनियों के शेयरों में हो रही बिकवाली का असर भी कीमती धातुओं पर देखा जा रहा है। कुछ निवेशक शेयर बाजार में हुए अपने नुकसान की भरपाई करने या तुरंत नकदी जुटाने के लिए सोना और चांदी बेच रहे हैं, जिससे बाजार में बिकवाली का दबाव बढ़ गया है।
- मुनाफा वसूली : इस साल जनवरी के महीने में सोने की कीमत 5,595 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर को पार कर गई थी। इतनी बड़ी तेजी के बाद कई बड़े निवेशक और फंड हाउस अपना मुनाफा सुरक्षित करने के लिए बिकवाली कर रहे हैं, जिसके कारण कीमतों में गिरावट देखने को मिल रही है।
यदि आप इस फेस्टिव सीजन में सोना या चांदी खरीदने का मन बना रहे हैं, तो बाजार की यह गिरावट आपके लिए एक बेहतरीन मौका साबित हो सकती है।



