मुंबई, जुलाई 2026: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज को निफ्टी इंडिया एफपीआई 150 इंडेक्स पर डेरिवेटिव्स शुरू करने के लिए सेबी से मंजूरी मिल गई है। एनएसई की योजना 12 अगस्त, 2026 से इक्विटी डेरिवेटिव्स सेगमेंट में इन कॉन्ट्रैक्ट्स की शुरुआत करने की है।

इन डेरिवेटिव्स के तहत लगातार तीन महीने की अवधि वाले इंडेक्स फ्यूचर्स और इंडेक्स ऑप्शंस कॉन्ट्रैक्ट्स उपलब्ध होंगे। इन सभी कॉन्ट्रैक्ट्स का सेटलमेंट नकद में किया जाएगा और इनकी एक्सपायरी हर महीने के आखिरी मंगलवार को होगी।

निफ्टी इंडिया एफपीआई 150 इंडेक्स को इस प्रकार तैयार किया गया है कि यह निफ्टी 500 में शामिल उन 150 बड़ी कंपनियों के प्रदर्शन को दर्शाए, जिनमें विदेशी निवेशकों के लिए निवेश करना आसान हो। इन कंपनियों का चयन पिछले छह महीनों के औसत फॉरेन इन्वेस्टिबल फ्रीफ्लोट मार्केट कैपिटलाइजेशन के आधार पर किया जाता है। इंडेक्स में केवल उन्हीं कंपनियों को शामिल किया जाता है, जिनके शेयरों में अच्छी खरीदबिक्री होती है और जिनमें निवेश के लिए पर्याप्त शेयर उपलब्ध रहते हैं। प्रत्येक कंपनी की हिस्सेदारी उसके फॉरेन इन्वेस्टिबल फ्रीफ्लोट मार्केट कैपिटलाइजेशन के आधार पर तय की जाती है।

जून 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, इस इंडेक्स में सबसे अधिक हिस्सेदारी फाइनेंशियल सर्विसेस सेक्टर की रही, जिसका वेटेज 26.15 प्रतिशत है। इसके बाद ऑइल, गैस एंड कंज्यूमेबल फ्यूल्स सेक्टर का वेटेज 10.03 प्रतिशत और हेल्थकेयर सेक्टर का वेटेज 7.51 प्रतिशत दर्ज किया गया।

इस इंडेक्स की शुरुआत 16 अगस्त, 2025 को की गई थी। इसकी बेस डेट 3 अक्टूबर, 2022 और बेस वैल्यू 1000 निर्धारित की गई थी। इंडेक्स में कंपनियों का चयन फॉरेन इन्वेस्टिबल फ्रीफ्लोट के आधार पर किया जाता है तथा प्रत्येक तीन महीने में इसकी समीक्षा कर आवश्यक बदलाव किए जाते हैं।

इस अवसर पर एनएसई के चीफ बिजनेस डेवलपमेंट ऑफिसर श्री श्रीराम कृष्णन ने कहा, “निफ्टी इंडिया एफपीआई 150 इंडेक्स पर डेरिवेटिव्स शुरू होने से हमारे मौजूदा इंडेक्स डेरिवेटिव्स पोर्टफोलियो को और मजबूती मिलेगी। निफ्टी इंडिया एफपीआई 150 इंडेक्स में भारतीय शेयर बाजार के 150 ऐसे प्रमुख शेयर शामिल हैं, जिनमें अच्छी खरीदबिक्री होती है और जिनमें निवेश करना आसान है। अलगअलग सेक्टर्स की कंपनियाँ शामिल होने की वजह से यह इंडेक्स निवेशकों को जोखिम कम करने और अपने निवेश को संतुलित रखने में मदद कर सकता है।”

एनएसई की ओर से 12 अगस्त, 2026 से प्रस्तावित यह नई शुरुआत भारतीय इक्विटी डेरिवेटिव्स बाजार में विदेशी निवेशकों के लिए तैयार किए गए इस विशेष इंडेक्स को एक नया ट्रेडिंग विकल्प प्रदान करेगी।