हैदराबाद में गृह मंत्री अमित शाह आज यानी 2 नवंबर को एक ‘पदयात्रा’ करेंगे. उन्होंने ओवैसी के गढ़ हैदराबाद के पुराने शहर में चारमीनार के पास स्थित भाग्यलक्ष्मी मंदिर में माता का दर्शन किया. पदयात्रा के आयोजन को लेकर बीजेपी का तेलंगाना में कांग्रेस पार्टी पर आरोप है कि वह ‘SIR प्रक्रिया’ को लेकर झूठी बातें फैला रही है.

इसी के विरोध में बीजेपी ने ये अभियान शुरू किया है, जिसके तहत गृह मंत्री अमित शाह इस यात्रा की अगुवाई करेंगे. शाह की ये पदयात्रा शाम को बशीरबाग स्थित बाबू जगजीवन राम की प्रतिमा से शुरू होकर मोजमजाही मार्केट तक जाएगी.

#WATCH | Telangana: Union Home Minister Amit Shah offers prayers at Shri Bhagya Laxmi Mandir, Charminar, during his visit to Hyderabad.

Union Minister G Kishan Reddy, State BJP chief Ramchander Rao and other BJP leaders present. https://t.co/IXdLhTaeVu

— ANI November 2, 2026

‘चुनाव से मिली हार पर कांग्रेस बौखलाई है’

गृह मंत्री ने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट शेयर करके भी इसकी जानकारी दी है. उन्होंने कहा, “चुनावों में लगातार मिली हार से बौखलाई कांग्रेस पार्टी अब किसी भी तरह सत्ता हथियाने पर आमादा है, भले ही इसके लिए उसे अपनी अराजक हरकतों से लोकतंत्र की हत्या ही क्यों न करनी पड़े. कांग्रेस पार्टी की इन कुत्सित कोशिशों से हमारे लोकतंत्र को बचाने के लिए, मैं आज शाम हैदराबाद में आयोजित होने वाली ‘लोकतंत्र बचाएं अराजकता मिटाएं’ नामक विशाल पदयात्रा में शामिल होऊंगा.

इस मार्च के लिए राज्य बीजेपी ने बड़े पैमाने पर तैयारियां की हैं. केंद्रीय कोयला मंत्री जी. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। किशन रेड्डी और तेलंगाना बीजेपी अध्यक्ष एन. रामचंद्र राव ने खुद रविवार को इस पूरे रूट का निरीक्षण किया था. इस यात्रा में पार्टी सांसदों, विधायकों सहित हजारों कार्यकर्ताओं, बुद्धिजीवियों, डॉक्टरों और वकीलों के शामिल होने की जानकारी है

बीजेपी की तेलंगाना इकाई द्वारा आयोजित यह प्रदर्शन, शहर के बीचोंबीच टैंक बंड पर शाम 4:00 बजे शुरू होगा. यह मार्च स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा से शुरू होकर डॉ. बी.आर. अंबेडकर की प्रतिमा पर समाप्त होगा.
बीजेपी नेता गुडुरु नारायण रेड्डी ने कहा है कि इस रैली का उद्देश्य तेलंगाना में सत्ताधारी कांग्रेस सरकार को जवाब देना और हाल ही में उनके द्वारा किए गए राजनीतिक विरोधप्रदर्शनों के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराना है.