EPFO: नौकरीपेशा लोगों के लिए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के नियम उनके वित्तीय भविष्य की सबसे बड़ी चाबी होते हैं. अगर आप भी किसी कंपनी में काम करते हैं और 10 साल से पहले अपनी नौकरी छोड़ दी है या छोड़ने का मन बना रहे हैं, तो आपके लिए एक बेहद जरूरी अपडेट है. श्रम और रोजगार मंत्रालय ने पुरानी पेंशन योजना की जगह अब नई ‘कर्मचारी पेंशन योजना, 2026’ लागू कर दी है. 29 जून 2026 से प्रभावी इस नए नियम में पेंशन निकासी को लेकर एक बड़ा बदलाव किया गया है. अब कर्मचारियों को नौकरी छोड़ने के बाद अपनी पेंशन का पैसा एकमुश्त निकालने के लिए इंतजार करना होगा. आइए,समझते हैं कि ये नियम क्या है और आपके पैसों पर इसका क्या असर पड़ेगा.

पेंशन के लिए 10 साल की नौकरी पूरी करना जरूरी

ईपीएफओ का यह पुराना और पक्का नियम है कि रिटायरमेंट के बाद मासिक पेंशन का लाभ उठाने के लिए कर्मचारी की कम से कम 10 साल की सर्विस होनी चाहिए. जो लोग 10 साल की अवधि पूरी होने से पहले नौकरी छोड़ देते हैं, वे हर महीने पेंशन पाने के हकदार नहीं होते. नई ईपीएस 2026 योजना में भी इस बुनियादी नियम में कोई बदलाव नहीं किया गया है.

हालांकि, ऐसे कर्मचारियों को अपना पैसा डूबने का डर नहीं होना चाहिए. सरकार उन्हें दो बेहतरीन विकल्प देती है. पहला यह कि वे ‘विड्रॉल बेनिफिट’ के तहत अपना पैसा एकमुश्त निकाल सकते हैं. दूसरा विकल्प ‘स्कीम सर्टिफिकेट’ लेने का है. अगर आप भविष्य में फिर से किसी ईपीएफओ कवर वाली कंपनी में नौकरी शुरू करते हैं, तो इस सर्टिफिकेट की मदद से आपकी पुरानी नौकरी का समय नई नौकरी में जुड़ जाएगा. इससे 10 साल की सर्विस पूरी करना आसान हो जाता है.

पैसा निकालने के लिए अब 36 महीने का नियम

नई पेंशन योजना 2026 ने एकमुश्त निकासी के लिए एक ‘वेटिंग पीरियड’ जोड़ दिया है. अगर कोई कर्मचारी अपनी रिटायरमेंट की उम्र से पहले नौकरी छोड़ देता है, तो वह तुरंत अपनी पेंशन का पैसा नहीं निकाल पाएगा. नए नियम के अनुसार, कर्मचारी के खाते में जिस दिन आखिरी पेंशन योगदान जमा हुआ था, उस तारीख से पूरे 36 महीने बीतने के बाद ही वह निकासी के लिए क्लेम कर सकेगा.

यानी, आपको अपना एकमुश्त पैसा पाने के लिए लंबा इंतजार करना होगा. हालांकि, इसमें एक छूट भी दी गई है. अगर इन 36 महीनों के इंतजार के दौरान ही आपकी रिटायरमेंट की उम्र पूरी हो जाती है, तो आपको 3 साल पूरे होने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा और आप तुरंत अपना पैसा निकाल सकेंगे.

ऐसे तय होती है विड्रॉल बेनिफिट की रकम

अगर आप 36 महीने के इंतजार के बाद पैसा निकालते हैं, तो आपको कितना पैसा मिलेगा? इसकी कैलकुलेशन के लिए नई योजना में ‘टेबल IV’ का एक सीधा फॉर्मूला दिया गया है. विड्रॉल की रकम तय करने के लिए आपकी ‘पेंशन योग्य सैलरी’ को ‘टेबल IV फैक्टर’ से गुणा किया जाता है. यह फैक्टर इस बात पर निर्भर करता है कि आपने कितने महीने काम किया है.

इसे एक आसान उदाहरण से समझते हैं. मान लीजिए कि आपकी पेंशन योग्य सैलरी 15,000 रुपये है और आपने महज 24 महीने काम करने के बाद नौकरी छोड़ दी. ऐसे में टेबल के अनुसार आपका फैक्टर 1.99 होगा. जब हम 15,000 को 1.99 से गुणा करेंगे, तो आपको 29,850 रुपये का विड्रॉल बेनिफिट मिलेगा.

वहीं, अगर आपने 60 महीने काम किया है और आपकी सैलरी वही 15,000 रुपये है, तो फैक्टर बढ़कर 5.02 हो जाएगा. इस स्थिति में आपको 75,300 रुपये का एकमुश्त भुगतान मिलेगा. साफ है कि आपकी सर्विस जितने ज्यादा महीने की होगी, आपका फैक्टर और मिलने वाली एकमुश्त रकम उतनी ही ज्यादा होगी.