फिनटेक दिग्गज पेटीएम की पैरेंट कंपनी वन97 कम्युनिकेशंस अपने निवेशकों को एक बड़ा तोहफा देने की तैयारी में है. कंपनी अपने इतिहास में पहली बार बोनस शेयर जारी करने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है. आगामी 20 जुलाई को होने वाली बोर्ड बैठक में चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के वित्तीय नतीजों की घोषणा के साथसाथ इस ऐतिहासिक बोनस इश्यू पर भी अंतिम फैसला लिया जाएगा. आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर पेटीएम को लेकर किस तरह का अपडेट सामने आया है.

20 जनवरी को आएंगे तिमाही नतीजे

डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म पेटीएम की पेरेंट कंपनी वन 97 कम्युनिकेशंस लिमिटेड पहली बार बोनस शेयर जारी करने की योजना बना रही है. फिनटेक कंपनी ने पहली बार समूचे वित्त वर्ष में लाभ दर्ज करने और पेमेंट और फाइनेंशियल सर्विस बिजनेस में अपनी बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने के बाद यह फैसला लिया है. कंपनी ने बुधवार को शेयर बाजारों को दी सूचना में कहा कि उसका निदेशक मंडल 20 जुलाई को होने वाली बैठक में 30 जून को समाप्त तिमाही के वित्तीय परिणामों के साथ बोनस शेयर जारी करने के प्रस्ताव पर विचार करेगा. आवश्यक मंजूरियों के अधीन निदेशक मंडल उसी बैठक में बोनस शेयर का रेश्यो और रिकॉर्ड डेट भी तय करेगा.

552 करोड़ का हुआ था प्रॉफिट

पेटीएम ने वित्त वर्ष 202526 में 552 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ दर्ज किया है जबकि 202425 में उसे 663 करोड़ रुपए का घाटा हुआ था. बोनस शेयर इश्यू के तहत मौजूदा शेयरधारकों को उनकी हिस्सेदारी के रेश्यो में अतिरिक्त शेयर दिए जाते हैं. कंपनियां आमतौर पर अपनी वित्तीय मजबूती और दीर्घकालिक वृद्धि की संभावनाओं पर भरोसा जताने के लिए इस तरह की घोषणा करती हैं. बोनस शेयर जारी होने से रिटेल निवेशकों के लिए शेयर अधिक सुलभ होने की भी उम्मीद है. पेटीएम का शेयर लंबे समय से 1,000 रुपए से ऊपर कारोबार कर रहा है.

निवेशकों को क्या होगा फायदा?

शेयर बाजार में ‘बोनस इश्यू’ को एक बेहद पॉजिटिव कॉर्पोरेट एक्शन माना जाता है. पेटीएम के इस कदम से निवेशकों को कई तरह के लाभ होंगे. बोनस शेयर के तहत निवेशकों को बिना किसी अतिरिक्त लागत के उनके मौजूदा शेयरों के बदले नए शेयर मुफ्त मिलते हैं. बोनस शेयर जारी होने से बाजार में कंपनी के कुल शेयरों की संख्या बढ़ जाती है, जिससे छोटे निवेशकों के लिए शेयर में ट्रेडिंग करना और आसान हो जाता है. हालांकि बोनस मिलने के बाद शेयर की कीमत उसी रेश्यो में आनुपातिक रूप से कम हो जाती है, लेकिन यह कदम यह दर्शाता है कि कंपनी का मैनेजमेंट भविष्य के ग्रोथ को लेकर पूरी तरह आश्वस्त है.