शेयर बाजार में इस समय आईपीओ की बहार है, लेकिन जिस एक इश्यू ने सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरी हैं, वह है एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट . 9,813 करोड़ रुपये के इस विशाल आईपीओ को निवेशकों का जबरदस्त प्यार मिल रहा है. बोली के तीसरे और आखिरी दिन यानी 16 जुलाई की दोपहर तक यह इश्यू 6.1 गुना से ज्यादा भर चुका है.

बड़े निवेशकों ने खोली तिजोरी

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के आंकड़ों पर नजर डालें तो इस आईपीओ की मांग का अंदाजा साफ हो जाता है. कंपनी ने कुल 12.46 करोड़ शेयर ऑफर किए थे, जिसके एवज में 67.05 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां आ चुकी हैं. सबसे ज्यादा उत्साह नॉनइंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स में देखने को मिल रहा है, जिनका हिस्सा 16.31 गुना सब्सक्राइब हो चुका है. इसके अलावा, क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स का कोटा 4.43 गुना और आम निवेशकों यानी रिटेल इन्वेस्टर्स का हिस्सा 2.56 गुना भर चुका है. यह साफ दर्शाता है कि हर वर्ग का निवेशक इस कंपनी के भविष्य पर भरोसा जता रहा है.

लिस्टिंग के दिन ही मोटी कमाई की उम्मीद

किसी भी आईपीओ में पैसा लगाने से पहले निवेशक ग्रे मार्केट प्रीमियम जरूर देखते हैं. इन्वेस्टगेन और आईपीओ वॉच जैसे प्लेटफॉर्म्स के मुताबिक, एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट का जीएमपी 92 रुपये प्रति शेयर पर चल रहा है. कंपनी ने आईपीओ के लिए 545 रुपये से लेकर 574 रुपये का प्राइस बैंड तय किया है. अगर हम 574 रुपये के ऊपरी स्तर पर जीएमपी को जोड़ें, तो शेयर की लिस्टिंग 662 रुपये के आसपास हो सकती है. निवेशकों को लिस्टिंग वाले दिन ही 16 प्रतिशत का सीधा मुनाफा हो सकता है.

ध्यान देने वाली बात यह है कि यह पूरा इश्यू ‘ऑफर फॉर सेल’ है. इसका मतलब है कि इस आईपीओ से मिलने वाला सारा पैसा कंपनी के पास नहीं जाएगा, बल्कि अपने शेयर बेच रहे प्रमोटर्स, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और अमुंडी इंडिया होल्डिंग की झोली में जाएगा.

क्या आपको दांव लगाना चाहिए?

बाजार के जानकारों और ब्रोकरेज हाउसेस का इस आईपीओ को लेकर रुख बेहद सकारात्मक है. स्वास्तिका इन्वेस्टमार्ट ने इस इश्यू को ‘सब्सक्राइब’ करने की सलाह दी है. उनका कहना है कि एसेट मैनेजमेंट इंडस्ट्री में कंपनी का दबदबा, शानदार मुनाफा और सही वैल्यूएशन इसे एक बेहतरीन विकल्प बनाते हैं.

जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज ने भी इसे खरीदने की सिफारिश की है. उनका तर्क है कि 574 रुपये के ऊपरी प्राइस बैंड पर कंपनी का प्राइसटूअर्निंग अनुपात 38 गुना है, जो बाजार में मौजूद अन्य प्रतिस्पर्धी कंपनियों के मुकाबले काफी उचित है.

बता दें कि 1992 में स्थापित एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट देश के म्यूचुअल फंड बाजार में 15.5 प्रतिशत की हिस्सेदारी रखती है. साल 2025 तक कंपनी 16.32 लाख करोड़ रुपये का एसेट मैनेज कर रही थी. जिन निवेशकों ने इस आईपीओ में अप्लाई किया है, उन्हें 17 जुलाई को शेयरों का अलॉटमेंट हो सकता है, जबकि 21 जुलाई को कंपनी के शेयर एनएसई और बीएसई पर लिस्ट होने की संभावना है.

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