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600 किलो का गेट गिरने से गार्ड की मौत

उत्तर प्रदेश के कानपुर के पनकी में श्री प्रभु विस्टा अपार्टमेंट है. यहां ड्यूटी कर रहे 55 वर्षीय सिक्योरिटी गार्ड विक्रम सिंह पर करीब 600 किलो वजनी स्लाइडिंग गेट गिर गया. वह उसके नीचे दब गए और किसी को इसकी जानकारी नहीं हुई. करीब तीन घंटे तक गेट के नीचे दबे रहने के बाद शनिवार सुबह लोगों ने उन्हें देखा, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी. घटना के बाद परिवार ने अपार्टमेंट प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया.

अपार्टमेंट में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के मुताबिक, शुक्रवार देर रात 1:19 बजे विक्रम सिंह मुख्य गेट खोलने के लिए उसे धकेल रहे थे. करीब पांच मिनट बाद, रात 1:24 बजे गेट अचानक उनके ऊपर गिर गया. विक्रम उसके नीचे दब गए और वहां कोई हलचल नहीं हुई. शनिवार सुबह करीब 4:30 बजे अपार्टमेंट की तीसरी मंजिल पर रहने वाली शिक्षिका अलका की नजर उन पर पड़ी. उन्होंने तुरंत अन्य लोगों और पुलिस को सूचना दी. मौके पर पहुंची पुलिस ने गेट हटवाया, लेकिन तब तक विक्रम की मौत हो चुकी थी.

घिस चुका था स्टॉपर, सुरक्षा रॉड भी नहीं थी

शुरुआती जानकारी के मुताबिक, स्लाइडिंग गेट करीब सवा पांच फीट ऊंचा और 12 फीट लंबा था. उसका स्टॉपर घिस चुका था. इसके अलावा, गेट को अपनी जगह से आगे निकलकर गिरने से रोकने के लिए दीवार पर लगने वाली क्लैंप रॉड भी नहीं लगी थी.

बताया गया कि गेट को खींचने के दौरान वह घिसे हुए स्टॉपर से आगे निकल गया और नीचे गिर पड़ा. परिवार का आरोप है कि यदि समय रहते गेट की मरम्मत करा दी जाती और जरूरी सुरक्षा इंतजाम किए गए होते, तो विक्रम की जान बच सकती थी.

विक्रम के बेटे दीपक ने बताया कि अपार्टमेंट में पहले काम करने वाले गार्ड जीतू ने भी गेट की मरम्मत कराने की बात कही थी. हालांकि, इस पर ध्यान नहीं दिया गया. इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी.

परिवार ने मांगा मुआवजा, शव घर पहुंचने पर हंगामा

विक्रम सिंह पनकी की डूडा कॉलोनी में रहते थे. उनकी पत्नी सोनी का वर्ष 2014 में बीमारी के कारण निधन हो गया था. परिवार में उनका बेटा दीपक है. विक्रम रात में सुरक्षा गार्ड की ड्यूटी करके परिवार की जिम्मेदारी संभालते थे.

पोस्टमार्टम के बाद जब उनका शव घर पहुंचा, तो परिजनों ने अपार्टमेंट प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मुआवजे की मांग की. इस दौरान करीब एक घंटे तक हंगामा हुआ. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। इसके बाद एसीपी पनकी अमित कुमार चौरसिया ने दोनों पक्षों को बैठाकर बातचीत कराई.

प्रबंधन ने हादसा बताया, एक लाख रुपये दिए

अपार्टमेंट के सिक्योरिटी इंचार्ज संजय पांडेय ने गार्ड की मौत पर दुख जताया. हालांकि, उनका कहना था कि गेट खराब नहीं था और यह एक हादसा था. उनके मुताबिक, उन्होंने और अपार्टमेंट में रहने वाले परिवारों ने मिलकर 50-50 हजार रुपये जुटाए और विक्रम के परिजनों को कुल एक लाख रुपये दिए.

ठेकेदार सुनीत द्विवेदी ने बताया कि वह रात करीब 1:16 बजे सीतापुर से लौटकर अपार्टमेंट पहुंचे थे. इसके बाद विक्रम ने गेट बंद किया था. पुलिस के मुताबिक, दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया है. शिकायत मिलने पर मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल, घटना में सुरक्षा इंतजामों को लेकर उठे सवालों पर जांच के निष्कर्ष सामने आना बाकी है.