सऊदी अरब पर 10 मिसाइलों से हमला, चारों ओर तबाही-दहशत में दुनिया

सऊदी अरब और यमन के हूती विद्रोहियों के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है. रविवार को सऊदी अरब ने दावा किया कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने देश के दक्षिणी क्षेत्र की ओर दागी गई 10 बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही रोक दिया. वहीं, रियाद को निशाना बनाकर दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल और दो ड्रोन को भी इंटरसेप्ट करने की जानकारी दी गई.

दक्षिणी शहर खमिस मुशैत की ओर दागी गई एक क्रूज मिसाइल को भी रोके जाने की बात कही गई है. इस बीच हूतियों ने सऊदी अरब के अहम ठिकानों पर हमलों की जिम्मेदारी लेने के साथ मक्का और मदीना को निशाना बनाने के आरोपों से इनकार किया है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने इन आरोपों को ‘बड़ा और गंभीर झूठ’ बताते हुए कहा कि उनके हमले तेल प्रतिष्ठानों और सैन्य ठिकानों पर केंद्रित थे. दोनों पक्षों के इन दावों के बीच क्षेत्र में तनाव और सुरक्षा चिंताएं बढ़ गई हैं. वही भारत ने भी अपने नागरिकों के लिए चेतावनी जार की है. उन्हें कहा गया है कि हमले का वीडियो न बनाएँ और न ही उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट करें.

रियाद, अबहा और खमिस मुशैत में जारी हुए अलर्ट
सऊदी नागरिक सुरक्षा अधिकारियों ने रियाद, अबहा और खमिस मुशैत के लिए आपात अलर्ट जारी किए थे. बाद में अधिकारियों ने बताया कि तत्काल खतरा टल गया है. रियाद में रविवार तड़के धमाकों की आवाजें सुनाई देने की खबरें भी सामने आईं. लोगों को हवाई खतरे की चेतावनी देकर सुरक्षित जगहों पर जाने की सलाह दी गई. यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है, जब सऊदी अरब का किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट दो सप्ताह तक बंद रहने के बाद दोबारा संचालन शुरू करने की तैयारी कर रहा था. एयरपोर्ट को 10 अक्टूबर को हुए एक हमले के बाद बंद कर दिया गया था. रिपोर्ट के मुताबिक, उस हमले में 13 लोगों की मौत हुई थी और 300 से ज्यादा लोग घायल हुए थे.

हूतियों ने शनिवार को सऊदी हवाई अड्डों और ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमलों की जिम्मेदारी ली थी. उनके सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने चेतावनी दी कि रियाद का किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट अब भी सैन्य निशाना है. उन्होंने एयरलाइंस, एयरपोर्ट कर्मचारियों और यात्रियों को इसका इस्तेमाल करने से बचने की चेतावनी दी.

सऊदी अरब में फंसे हर नागरिक की सुरक्षा पर सरकार की पैनी नजर
सऊदी अधिकारियों ने बताया था कि मिसाइलों को इंटरसेप्ट किए जाने के बाद मक्का और मदीना क्षेत्रों में उनके मलबे गिरने की घटनाएं सामने आईं. इसके बाद हूतियों पर इन पवित्र शहरों को निशाना बनाने के आरोप लगे. हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इन आरोपों को खारिज किया. उन्होंने कहा कि मक्का और मदीना को निशाना बनाने की बात गलत है और उनके हमलों का टार्गेट सऊदी अरब के तेल और सैन्य ठिकाने हैं. दूसरी ओर, सऊदी नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन ने कहा कि यानबू और ताइफ की दिशा में दागी गई दो बैलिस्टिक मिसाइलों को नष्ट किया गया था. सऊदी नागरिक सुरक्षा के मुताबिक, जेद्दा, ताइफ और राबिग समेत कई जगहों पर मिसाइलों का मलबा गिरने की खबर मिली.

लाल सागर के अहम समुद्री रास्ते पर भी खतरा
सऊदी अरब और हूतियों के बीच बढ़ते संघर्ष का असर लाल सागर में समुद्री आवाजाही पर भी पड़ सकता है. हूतियों ने पिछले महीने यमन के लाल सागर तट पर रणनीतिक इलाकों पर कब्जा किया था. इससे वे बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य के और करीब आ गए हैं. यह जलमार्ग लाल सागर को अदन की खाड़ी से जोड़ता है और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए बेहद अहम है. खाड़ी देशों से होने वाली ऊर्जा आपूर्ति का एक हिस्सा भी इसी समुद्री क्षेत्र से होकर गुजरता है. यहां जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने पर वैश्विक व्यापार और तेल बाजार पर दबाव बढ़ सकता है.

भारत ने दी चेतावनी
इस बीच, क्षेत्र में बढ़ते तनाव को देखते हुए भारत ने सऊदी अरब में रह रहे अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है. भारतीय दूतावास ने लोगों से स्थानीय नियमों का पालन करने और मिसाइलों व ड्रोन को हवा में रोकने की घटनाओं या उनके गिरने वाली जगहों के वीडियो बनाने और सोशल मीडिया पर साझा करने से बचने को कहा है. दूतावास ने चेतावनी दी कि ऐसा करने पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है. वहीं, रियाद और दम्माम से आने-जाने वाली एअर इंडिया और एअर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ानें 7 नवंबर 2026 तक, जबकि जेद्दा की उड़ानें 31 अक्टूबर 2026 तक स्थगित रहेंगी. जेद्दा स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास के मुताबिक, प्रभावित भारतीयों को भोजन, जरूरी दवाइयां और अन्य सहायता उपलब्ध कराई जा रही है.