Karnataka News: दक्षिण कन्नड़ जिले के पुत्तूर निवासी 22 वर्षीय युवक शाहीन की बेंगलुरु के यशवंतपुर स्थित एक निजी अस्पताल में मौत हो गई. मृतक के परिवार और दोस्तों ने डॉक्टरों और अस्पताल कर्मचारियों पर लापरवाही और इलाज करने में देरी का आरोप लगाया है. अस्पताल का माहौल तनावपूर्ण है और वहां के आसपास पुलिस तैनात की गई है.

मृतक युवक शाहीन के दोस्त सिद्धार्थ ने अस्पताल की गंभीर कमियों को उजागर किया. उन्होंने बताया कि कल मेरे मित्र शाहीन को बहुत खून की उल्टी हो रही थी. कफ, संक्रमण और टीबी के संदेह में शाहीन को यशवंतपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। हमने कल रात स्वास्थ्य बीमा की सारी प्रक्रिया पूरी कर ली थी, लेकिन अस्पताल ने कहा कि उनको एक लाख रुपये ही मिले.

डॉक्टरों ने इलाज में की चार घंटे की देरी

शाहीन के दोस्त सिद्धार्थ के अनुसार, अस्पताल वालों ने परिवार से कहा कि पांच लाख रुपये जमा कराइए. इसके बाद परिवार ने मुश्किल से 50 हजार रुपये नकद जमा किए. जिन डॉक्टरों को सर्जरी करनी थी, उन्होंने पैसों और बीमा को लेकर इलाज में 4 घंटे की देरी कर दी. इसके बाद डॉक्टरों ने शाहीन का इलाज शुरू किया और आईसीयू में ले जाने के कुछ ही मिनटों बाद ही बताया कि उसकी मौत हो गई.

दोस्त बोला डॉक्टरों की लापरवाही ने ली जान

सिद्धार्थ ने रोते हुए कहा कि डॉक्टर हमें मौत का सही कारण स्पष्ट रूप से नहीं बता रहे हैं. परिवार को पता चलने से पहले ही अस्पताल ने पुलिस को बुला लिया. यह सबकुछ अस्पताल की गलती से हुआ है. डॉक्टरों की लापरवाही ने मेरे दोस्त की जान ले ली. मातापिता, रिश्तेदार और दोस्तों ने अस्पताल में विरोध प्रदर्शन किया और अपना गुस्सा जाहिर किया.

परिवार का आरोप है कि अस्पताल के लालच और डॉक्टरों की लापरवाही के कारण शाहीन की जान चली गई. शाहीन एक निजी कंपनी में काम करता था. वहीं यशवंतपुर पुलिस ने किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए अस्पताल के पास भारी पुलिस बल तैनात किया है.