कॉकरोच जनता पार्टी के नेताओं आशुतोष रांका और सौरव दास की रिहाई की याचिका की सुनवाई में देरी को लेकर चल रहे विवाद ने रविवार को एक नया मोड़ ले लिया. दिल्ली पुलिस ने जमानत कार्यवाही के दौरान एक स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट को धमकाने के आरोप में अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है. फिलहाल मामले में धमकी देने वाले लोगों की पहचान सामने नहीं आई है.

खास बात ये है कि यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब CJP ने आशुतोष रांका और सौरव दास दोनों नेताओं की रिहाई में देरी का आरोप लगाया था और जमानत से जुड़े चार जमानतदारों को ‘अस्पष्ट कारणों’ से खारिज कर दिया गया है.
Delhi Police has lodged an FIR against unknown persons for threatening the Special Executive Magistrate in connection with the bail matter of CJP leaders Ashutosh Ranka and Saurav Das: Delhi Police Sources
— ANI October 18, 2026
‘सत्ता का सरासर दुरुपयोग’
CJP की कानूनी प्रमुख रत्ना सिंह ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट कर कहा कि वह दोपहर 12 बजे होने वाली सुनवाई के लिए सुबह 11 बजे से पुलिस स्टेशन में मौजूद थीं, लेकिन शाम 4.42 बजे तक असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस, जो स्पेशल एग्जिक्युटिव मजिस्ट्रेट के तौर पर भी काम करते हैं, वहां नहीं पहुंचे थे. उन्होंने एक अन्य पोस्ट में कहा कि यह स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट कोर्ट द्वारा सत्ता का सरासर दुरुपयोग था.
रत्ना सिंह ने बताया कि वकील सुबह से ही पुलिस स्टेशन में मौजूद थे और उन्हें दोपहर करीब सुनवाई की उम्मीद थी. हालांकि, सुनवाई में बारबार देरी हुई और SEM ने शाम करीब 5:30 बजे ही पहुंचीं. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। सुनवाई के दौरान, SEM ने कथित तौर पर उपस्थित लोगों को बताया कि उन्हें एक धमकी भरा संदेश मिला था. इसके बाद पुलिस ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ FIR दर्ज की.
रत्ना सिंह ने उठाए सवाल
रत्ना ने रिहाई की कार्यवाही में कथित धमकी की प्रासंगिकता पर सवाल उठाया. उन्होंने कहा ‘अगर किसी ने मजिस्ट्रेट को धमकी दी है, तो उस व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए. आशुतोष और सौरभ की रिहाई को इससे क्यों जोड़ा जाना चाहिए?’. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकारी वकील पिछले चार दिनों से कार्यवाही के दौरान उपस्थित नहीं हुए थे और केवल पांचवें दिन उपस्थित हुए थे.पार्टी ने आरोप लगाया है कि प्रशासनिक देरी का इस्तेमाल उसके नेताओं की हिरासत को लंबा खींचने के लिए किया जा रहा है.
न्यायिक हिरासत में हैं दास और रांका
सौरभ दास और आशुतोष रांका को 14 अक्टूबर को पांच दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था. दोनों जंतरमंतर के बंद गेट को पार कर वहां पहुंचे थे, जबकि जंतरमंतर को प्रदर्शन स्थल के रूप में अधिसूचित नहीं किया गया था. दोनों तिहाड़ जेल में बंद हैं. पुलिस के मुताबिक, दास और रांका ने शांति बनाए रखने के बांड का उल्लंघन किया और जंतरमंतर में प्रवेश किया.जंतरमंतर को हाल ही में प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाया गया है.



