Kota News: राजस्थान कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद आज प्रसूता रोशन बैरवा की मौत हो गई. हॉस्पिटल में 24 घंटे के अंतराल में यह दूसरी प्रसूता की मौत हुई है. इससे पहले शुक्रवार को रेशमा की इलाज के दौरान मौत हुई थी. हॉस्पिटल अधीक्षक डॉ. आशुतोष शर्मा के अनुसार, बारां निवासी रोशन को शुक्रवार रात 8 बजे अस्पताल लाया गया था.

आशुतोष शर्मा ने बताया कि रोशन हाई रिस्क पेशेंट थी. उसे एनीमिया था और वजन करीब 3940 किलो था. रात को सिजेरियन डिलीवरी से बच्चे का जन्म हुआ, लेकिन इसके बाद ब्लीडिंग शुरू हो गई. एक यूनिट ब्लड चढ़ाया गया और ब्लीडिंग नहीं रुकने पर दोबारा ओटी में ले जाया गया, लेकिन जान नहीं बच पाई, शनिवार सुबह 11:30 बजे उसकी मौत हो गई. अधीक्षक के मुताबिक, महिला की यह तीसरी प्रेग्नेंसी थी.

सांस फूलने पर ICU में शिफ्ट किया गया था

वहीं पति महेंद्र के मुताबिक, सुबह 7 बजे पत्नी की तबीयत बिगड़ने और सांस फूलने पर उसे आईसीयू में शिफ्ट किया गया था. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि डॉक्टरों ने बचाने का प्रयास किया, लेकिन बचाने में सफल नहीं रहे. मृतक के परिजनों ने किसी भी तरह की कोई शिकायत दर्ज नहीं करवाई और ना ही पोस्टमार्टम करने के लिए राजी हुए.

प्रसूताओं की मौत के आखिर क्या हैं कारण?

परिजन लगातार शव का पोस्टमार्टम करने के लिए इंकार करते रहे. अंत में अस्पताल प्रशासन ने मृतक के पति से लिखित सहमति मांगी. पति ने लिखित सहमति दी, जिसके शव को परिजनों को सौंप दिया गया, लेकिन सवाल वैसा का वैसा ही खड़ा है आखिरकार ऐसी कौन से कारण है जिसकी वजह से प्रसूताओं की मौत लगातार हो रही है.

बता दें कि इसी साल जुलाई और अगस्त के महीनों में भी पांच प्रसूताओं ने सिजेरियन डिलीवरी के बाद दम तोड़ दिया था. इन मामलों में अस्पताल प्रशासन और ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर को क्लीन चिट भी मिल गई थी.