Ranchi Durga Puja Pandal: झारखंड के रांची के नामकुम रेलवे स्टेशन के पास दुर्गा पूजा पंडाल में मां दुर्गा सहित अन्य देवी देवताओं के साथसाथ राजद सुप्रीमो लालू यादव, राबड़ी देवी के साथसाथ नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी और पूर्व मंत्री तेज प्रताप की भी प्रतिमा लगाई गई. जय माता दी नवयुवक दुर्गा पूजा समिति के अध्यक्ष विनोद सिंह ने बताया कि इस बार जयपुर में स्थित हवामहल के प्रारूप वाला पंडाल बनवाया गया है.

राजस्थान की थीम पर ही मां दुर्गा सहित अन्य देवी देवताओं की प्रतिमा है. ऊंट वाले रथ पर सवार माता रानी का संहार करती हुई दिख रही हैं. इसके साथ ही आयोजक विनोद सिंह ने मां दुर्गा की प्रतिमा के दोनों छोर पर अपने मातापिता की भी प्रतिमा स्थापित करवाई है. इसके माध्यम से यह संदेश दिया गया है कि अपने घर के बड़ेबुजुर्ग और मातापिता का सम्मान करें.
प्रेमसद्भाव का संदेश देने वाली कई प्रतिमाएं
अगर घर में मातापिता खुश हैं तो माता रानी भी खुश रहेंगी और आशीर्वाद देंगी. पंडाल में यह भी दर्शाया गया कि कैसे एक मां बच्चे के जन्म से लेकर उसे पाल पोषकर बड़ा करती है. सफल बनाती है और फिर वही बच्चा जब मांपिता बूढ़े हो जाते हैं, तो उन्हें दुख तकलीफ और कष्ट देते हैं. यहां मातापिता की सेवा और भाइयों के बीच प्रेमसद्भाव का संदेश देने वाली कई प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं.
पंडाल में सबसे आकर्षक का केंद्र लालू यादव के परिवार की प्रतिमा है. पंडाल में लालू यादव के साथ साथ बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के साथसाथ परिवार में आए बिखराव और तेज प्रतापतेजस्वी यादव के बीच मतभेद को भी दर्शाया गया है. तेजतेजस्वी की प्रतिमा लगाकर भाईभाई में मिलकर रहने का संदेश दिया गया है.
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लालू यादव और राबड़ी देवी मां की अराधना करते दिखाया गया
दोनों की प्रतिमा के साथ लिखा है “भाई भाई साथ रहे तो श्रीराम युद्ध जीत गए और, भाई साथ नहीं रहा तो रावण हार गया.” पंडाल में लालू प्रसाद और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को नौ दिनों तक नवरात्र के दौरान मां की आराधना करते हुए भी दिखाया गया है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। साथ ही एक संदेश ये लिखा गया है कि लालू यादव और राबड़ी देवी नौ दिनों तक मां की आराधना के बाद दसवें दिन से अपने विरोधियों से लड़ेंगे.
पारिवारिक रिश्तों के महत्व के साथसाथ राजनीतिक संदेश दे रहे इस पूजा पंडाल को बनवाने कोई चंदा नहीं लिया जाता.यही नहीं 9 दिनों तक इस पूजा पंडाल में दर्शन के दौरान श्रद्धालुओं के द्वारा दान पेटी में डाली जाने वाली राशि का उपयोग जरूरतमंदों, गरीब परिवार की बेटी की शादी में सहयोग के लिए किया जाता है.



