भारत ने दोनों देशों के बीच मुक्त व्यापार समझौते के तहत न्यूजीलैंड से होने वाले इंपोर्ट पर सीमा शुल्क में छूट की पहली लिस्ट जारी की है. इसमें वाइन, मानुका शहद, कीवी फल और भेड़ के मांस जैसे प्रोडक्ट्स पर विशेष रियायती दरें लागू होंगी, जो 20 अक्टूबर से प्रभावी हो जाएंगी. वित्त मंत्रालय की 16 अक्टूबर की नोटिफिकेशन में कुछ खास वस्तुओं के लिए संशोधित मूल सीमा शुल्क और सेस दरों का उल्लेख किया है. ये छूट नोटिफिकेशन में दी गई वस्तुओं और टैरिफ लाइनों पर लागू होंगी, जो तय की गई दरों और शर्तों के अधीन होंगी.

भेड़ के मांस पर शून्य शुल्क, कीवी फल पर 15% की दर

नोटफिकेशन के अनुसार, इसमें शामिल भेड़ के मांस पर कोई मूल सीमा शुल्क नहीं लगेगा. साथ ही, इस पर एग्री इंफ्रा और डेवलपमेंट सेस और हेल्ड सेस भी शून्य होंगे. 2.50 डॉलर प्रति किलोग्राम या उससे अधिक मूल्य वाले कीवी फल के इंपोर्ट पर 15% की दर से मूल सीमा शुल्क लगेगा. यह छूट उत्पाद के वर्गीकरण और आयात के लिए तय की गई शर्तों के आधार पर मिलेगी.

सूची में शामिल कई प्रकार की मछलियों पर 25.71% की दर से मूल सीमा शुल्क लगेगा, जबकि AIDC और स्वास्थ्य उपकर शून्य होंगे. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। हालांकि, अलगअलग टैरिफ लाइनों के लिए BCD की दरें अलगअलग हो सकती हैं, इसलिए मिलने वाली छूट इंपोर्टेड प्रोडक्ट के क्लासिफिकेशन पर निर्भर करेगी. यह नोटिफिकेशन सभी तरह के आयात शुल्कों को पूरी तरह खत्म नहीं करती, बल्कि कुछ खास शुल्कों और उपकरों से राहत देती है. आयातकों को यह जांचना होगा कि उनके हर शिपमेंट पर कौन सी दर लागू होती है.

टैरिफ कोटा की व्यवस्था

नोटिफिकेशन में ‘टैरिफरेट कोटा’ की भी व्यवस्था है, जिसके तहत कुछ चुनिंदा उत्पादों की एक निश्चित मात्रा को रियायती दरों पर भारत में मंगाया जा सकता है. इन छूटों का लाभ उठाने के लिए आयातकों को उत्पाद से जुड़ी शर्तों को पूरा करना होगा और यह साबित करना होगा कि उत्पाद न्यूजीलैंड का ही है.

इन उपायों के जरिए न्यूजीलैंड से कुछ खास प्रोडक्ट्स के इंपोर्ट को कंट्रोल तरीके से अनुमति दी गई है, जबकि संवेदनशील क्षेत्रों को इससे बाहर रखा गया है. डेयरी प्रोडक्ट्स और प्रमुख कृषि वस्तुओं को इन छूटों में शामिल नहीं किया गया है.

सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 की धारा 25 के तहत रेवेन्यू डिपार्टमेंट द्वारा जारी 16 अक्टूबर की यह अधिसूचना, भारतन्यूजीलैंड FTA के तहत सीमा शुल्क में मिलने वाली पहली छूट के लिए लागू दरों और शर्तों को स्पष्ट करती है.