घरेलू शेयर बाजार के मानक सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी सोमवार को बढ़त के साथ बंद हुए. अमेरिका में रोजगार के आंकड़े उम्मीद से कमजोर रहने से अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा आक्रामक मौद्रिक सख्ती किए जाने की आशंका कम हुई है, जिससे उभरते बाजारों में जोखिम लेने की धारणा को समर्थन मिला. जहां सेंसेक्स में करीब 473 अंकों की तेजी देखने को मिली. वहीं दूसरी ओर निफ्टी में करीब 134 अंकों का इजाफा देखने को मिला.

जिसकी वजह से शेयर बाजार निवेशकों को 2 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का फायदा हुआ. इससे पहले शेयर बाजार में लगातार 8 हफ्तों की गिरावट देखने को मिल चुकी है. उम्मीद की जा रही है मौजूदा हफ्ते में शेयर बाजार में तेजी देखने को मिलेगी और गिरावट का सिलसिला थमेगा, जिसके लिए सोमवार को एक अच्छी शुरुआत मिल चुकी है. आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर शेयर बाजार में किस तरह के आंकड़े देखने को मिले हैं.
शेयर बाजार में आई तेजी
बीएसई का 30 शेयर वाला सेंसेक्स 472.77 अंक यानी 0.66 प्रतिशत चढ़कर 72,382.47 अंक पर बंद हुआ. कारोबार के दौरान यह एक समय 722.23 अंक यानी एक प्रतिशत तक बढ़कर 72,631.93 अंक पर पहुंच गया था. एनएसई का 50 शेयर वाला निफ्टी 133.80 अंक यानी 0.60 प्रतिशत की बढ़त के साथ 22,555.75 अंक पर बंद हुआ. सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों में से आईटीसी, इटर्नल, भारती एयरटेल, बजाज फाइनेंस, अदाणी पोर्ट्स, आईसीआईसीआई बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज और लार्सन एंड टुब्रो के शेयर लाभ में रहे. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। वहीं, एचसीएल टेक, एचडीएफसी बैंक, सन फार्मा, इन्फोसिस और एशियन पेंट्स के शेयर में गिरावट दर्ज की गई.
क्यों आई शेयर बाजार में तेजी?
- रेलिगेयर ब्रोकिंग के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अजित मिश्रा ने कहा कि बाजार ने सोमवार को जोरदार वापसी की और हालिया गिरावट के रुख से राहत लेते हुए इनमें आधे प्रतिशत से अधिक की बढ़त दर्ज की गई.
- वैश्विक संकेतक अपेक्षाकृत अनुकूल रहे क्योंकि कच्चे तेल की कीमतें हाल के ऊंचे स्तर से नीचे आई हैं. ब्रेंट कच्चा तेल करीब 102 डॉलर प्रति बैरल पर बना हुआ है, जिससे मुद्रास्फीति के मोर्चे पर कुछ राहत मिली है.
- उन्होंने कहा कि अमेरिका में रोजगार के उम्मीद से कमजोर आंकड़ों ने भी अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा आक्रामक मौद्रिक सख्ती की आशंका कम की, जिससे उभरते बाजारों में जोखिम लेने की धारणा को समर्थन मिला.
- अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट कच्चा तेल का वायदा भाव 0.19 प्रतिशत बढ़कर 102.4 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया. जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि अमेरिका में रोजगार के उम्मीद से कमजोर आंकड़ों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से बाजार में वापसी हुई.
- इससे निकट अवधि में ब्याज दरों के परिदृश्य का आकलन कर रहे निवेशकों को कुछ राहत मिली. अब ध्यान भारतीय रिजर्व बैंक के नीतिगत फैसले और कंपनियों के आगामी तिमाही नतीजों पर है.
विदेशी बाजारों में शेयर बाजार की स्थिति
एशियाई बाजारों में जापान का निक्की 225 दो प्रतिशत से अधिक चढ़ा जबकि हांगकांग का हैंगसेंग मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ. दक्षिण कोरिया का कॉस्पी और चीन का एसएसई कम्पोजिट अवकाश के कारण बंद रहे. यूरोपीय बाजारों में दोपहर के कारोबार में मिलाजुला रुख रहा. वहीं अमेरिकी बाजार शुक्रवार को बढ़त के साथ बंद हुए थे. शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने बृहस्पतिवार को शुद्ध रूप से 9,484.22 करोड़ रुपये के शेयर बेचे थे. सेंसेक्स बृहस्पतिवार को 242.65 अंक और निफ्टी 64.05 अंक की गिरावट के साथ बंद हुआ था. गांधी जयंती के अवसर पर शुक्रवार को शेयर बाजार बंद रहे थे.



