
शिवपुरी: मध्य प्रदेश के पूर्व गृह मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता नरोत्तम मिश्रा का ब्राह्मण समाज को लेकर दिया गया बयान चर्चा में है. शिवपुरी में आयोजित ब्राह्मण समाज के सम्मेलन में मिश्रा ने ब्राह्मणों पर शोषण के आरोपों को लेकर सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा कि जब ब्राह्मणों ने देश में राज ही नहीं किया तो उन पर शोषण करने का आरोप कैसे लगाया जा सकता है. साथ ही उन्होंने ब्राह्मण समाज की खामोशी को कमजोरी या कायरता नहीं समझने की चेतावनी दी.
मिश्रा ने समाज से एकजुट होने की अपील करते हुए सनाढ्य, भार्गव और कान्यकुब्ज जैसे वर्गों में बंटने से बचने की बात कही. उन्होंने ब्राह्मण समाज को संस्कृति का वाहक बताते हुए कहा कि सम्मान और स्वाभिमान के मुद्दे पर समाज को पीछे नहीं हटना चाहिए. अपने संबोधन में उन्होंने भगवान परशुराम का भी उल्लेख किया और कहा कि ब्राह्मणों को शास्त्र और शस्त्र दोनों का ज्ञान है.
नरोत्तम मिश्रा का बयान ब्राह्मण समाज पर लगाए जाने वाले व्यापक सामाजिक आरोपों के राजनीतिक जवाब के तौर पर सामने आया है, जबकि इतिहास में ब्राह्मणों की भूमिका केवल धार्मिक-सांस्कृतिक क्षेत्र तक सीमित नहीं रही. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। इसी वजह से उनका बयान अब राजनीतिक और सामाजिक बहस का विषय बन गया है.



