आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI ने एक नई तरह का मार्केट तैयार कर दिया है. अब एआईजनरेटेड कंटेंट के लिए अपनी तस्वीर का लाइसेंस देने के बदले लोग कमाई कर रहे हैं. इसके लिए 1500 रुपए से लेकर 65 हजार रुपए तक का भुगतान किया जा रहा है. मामला चीन का है. इसके जरिए लोग एआईजनरेटेड शो, विज्ञापन और वीडियो गेम में अपना चेहरा इस्तेमाल के लिए अनुमति दे रहे हैं.

चीन में चेहरा किराए पर देने का यह ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है. रेस्ट ऑफ वर्ल्ड की रिपोर्ट के अनुसार, 2026 की पहली तिमाही के तीन महीनों के दौरान जारी हुए 1,28,000 माइक्रोड्रामा में से 95 प्रतिशत से अधिक के निर्माण में कहीं न कहीं एआई का उपयोग किया गया था. माइक्रोड्रामा का मतलब है बहुत छोटेछोटे एपिसोड वाली वेब सीरीज, जिसे खासतौर पर मोबाइल पर देखने के लिए बनाया जाता है. इनकी अवधि 1 से 2 मिनट होती है. हर एपिसोड में अंत में ऐसा ट्विस्ट होता है ताकि दर्शक अगला एपिसोड जरूर देखें. एक सीरीज में आमतौर पर 50 से 100 या इससे ज्यादा एपिसोड हो सकते हैं.
अब सवाल है कि AI कंटेंट के लिए लोग कैसे चेहरा किराए पर देते हैं, इनका कैसे इस्तेमाल किया जाता है और क्या यह तरीका सुरक्षित है या नहीं. जानिए, इन सवालों के जवाब.
इंसानाें के चेहरों की मांग क्यों?
चीन का प्लेटफॉर्म ActID उन लोगों को जोड़ रहा है जो एआईकंटेंट के लिए चेहरों की तलाश कर रहे निर्माताओं को अपनी तस्वीरों को लाइसेंस देने के इच्छुक हैं. फर्स्टपोस्ट की रिपोर्ट में कंपनी की मार्केटिंग हेड कैमिला यान का कहना है, निर्माताओं को मुख्य भूमिकाओं के लिए आकर्षक चेहरे चाहिए, लेकिन उन्हें बुजुर्ग लोगों जैसे विशिष्ट चेहरों की भी आवश्यकता होती है. AI ड्रामा में अभिनय क्षमता की आवश्यकता नहीं होती. चेहरे तो सिर्फ स्रोत सामग्री के रूप में काम करते हैं. एआई कंटेंट की बढ़ती मांग ने नए चेहरों की डिमांड में भी बढ़ोतरी की है. यही वजह है लोग पैसे के लालच में इसके लिए आगे आ रहे हैं.
एआई कंटेंट के लिए चेहरे की मांग बढ़ रही. फोटो: Pexels
कैसे चेहरा किराए पर देते हैं?
मार्च में लॉन्च हुए प्लेटफॉर्म ActID इसकी प्रक्रिया को पूरा कर रहा है. पूरी प्रक्रिया के दौरान, लोग स्टूडियो में अपनी तस्वीरें खिंचवा सकते हैं. प्रोड्यूसर्स उम्र, लिंग और रूपरंग जैसे फैक्टर्स के साथसाथ जिस तरह के प्रोडक्शन की तलाश कर रहे हैं, उसके आधार पर चेहरों का चयन कर सकते हैं. उनकी तस्वीरों से तय होता है कि चेहरा किराए पर लिया जाएगा या नहीं.
तस्वीर फाइनल होने के बाद अब, लाइसेंसशुदा चेहरों का इस्तेमाल शॉर्ट मूवी, विज्ञापनों और वीडियो गेम सहित हर चीज में किया जा सकता है. यह मॉडल, अभिनेता या किसी भी व्यक्ति पर निर्भर करता है कि वे किस प्रकार की सामग्री में अपने चेहरे का उपयोग करना चाहते हैं.
तस्वीरों से तय होता है कि चेहरा किराए पर लिया जाएगा या नहीं. फोटो: AI Generated
कमाई का स्रोत
एआई का बढ़ता इस्तेमाल कुछ लोगों के लिए आय का स्रोत बन गया है. रिपोर्ट के अनुसार, ActID ने लगभग 800 यूजर्स का रजिस्ट्रेशन किया, जिनमें से 300 ने अपनी तस्वीर को लाइसेंस देने पर सहमति व्यक्त की. 2026 में यह संख्या और भी बढ़ गई है. AI से जुड़े कंटेंट में तेजी आई है. हालांकि, इसके कॉपीराइट, इमेज राइट्स और क्रिएटिव जॉब्स से संबंधित कई दुष्प्रभाव भी हैं.
खतरे भी कम नहीं
एआई का बढ़ता इस्तेमाल फायदा पहुंचाने के साथ कई लोगों की मुश्किलें भी बढ़ा रहा है. कई लोग एआई से बनी ऐसी फिल्मों में अपने चेहरे देख रहे हैं जिनमें वे कभी शामिल नहीं हुए और न ही उन्होंने इसके लिए सहमति दी. बाइटडांस के होंगगुओ पर दो इन्फ्लुएंसर्स ने आरोप लगाया कि उसने एक ड्रामा के लिए उनके चेहरों का इस्तेमाल किया, जिसे 40 मिलियन से अधिक बार देखा गया.
एआई का बढ़ता इस्तेमाल फायदा पहुंचाने के साथ कई लोगों की मुश्किलें भी बढ़ा रहा है. फोटो: Pexels
प्लेटफॉर्म ने इसे हटा दिया. उनका कहना था कि 2026 की शुरुआत से अब तक गैरआधिकारिक एआई द्वारा चेहरों और आवाजों के तैयार होने वाले वाले 85,000 से अधिक वीडियो हटा दिए हैं. चीन की अदालतें AI से बनी तस्वीरों से जुड़े मामलों से भी निपट रही हैं. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। ग्वांगझू इंटरनेट कोर्ट ने पिछले तीन सालों में लगभग 700 मामलों की सुनवाई की है.
खतरा इस बात का है कि लाइसेंस की शर्तें एकदम स्पष्ट नहीं होती. यह जानना मुश्किल है कि उसकी तस्वीर का कौन उपयोग करेगा, कितना करेगा, कहां करेगा और किस उद्देश्य के लिए करेगा. यानी उस तस्वीर का गलत तरह से इस्तेमाल करके उस इंसान की छवि को भी खराब किया जा सकता है. फायदों के साथ नुकसान का खतरा कम नहीं है.



