भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष और बीजेपी नेता बृजभूषण शरण सिंह की मुश्किलें फिर से बढ़ सकती है. महिला पहलवानों ने एक बार फिर यौन उत्पीड़न मामले में कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. बृजभूषण सिंह के बरी होने के मजिस्ट्रेट कोर्ट के फैसले को सेशंस कोर्ट में चुनौती दी गई है. राउज एवेन्यू कोर्ट ने इस अपील पर बृजभूषण और विनोद तोमर को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है.

राउज एवेन्यू कोर्ट के विशेष न्यायाधीश दिग्विनय सिंह ने सोमवार नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. महिला पहलवानों का तर्क है कि निचली अदालत का फैसला ‘रूढ़िवादी और घिसीपिटी धारणाओं’ पर आधारित है. साथ ही WFI के पूर्व असिस्टेंट सेक्रेटरी विनोद तोमर को क्रिमिनल धमकी के चार्ज से बरी करने के फैसले को भी चुनौती दी है. कोर्ट ने बृजभूषण और विनोद तोमर को 3 अगस्त को बरी कर दिया था.
इन धाराओं में हुई थी चार्जशीट
यह पूरा मामला महिला पहलवानों की ओर से तत्कालीन WFI अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह पर लगाए गए यौन उत्पीड़न केस से जुड़ा है. इसको लेकर 2023 में पीड़ित महिला पहलवानों ने जंतर मंतर पर भारी विरोध प्रदर्शन दर्ज कराया था. इसके बाद पुलिस ने मामले में बृजभूषण शरण सिंह समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ IPC की धारा 354, 354A, 354D और 506 में चार्जशीट दायर की थी.
सबूतों की कमी के कारण हुए बरी
वहीं, अगस्त 2026 में दिल्ली की राउस एवेन्यू कोर्ट ने आरोपी बृजभूषण सिंह और सहआरोपी विनोद तोमर समेत सभी आरोपियों को बरी कर दिया था. राउज एवेन्यू कोर्ट के एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट ने सबूतों की कमी और गवाहों के बयानों में विरोधाभास का हवाला देते हुए दोनों को सभी आरोपों से बरी किया था. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। अभियोजन पक्ष आरोपों को पूरी तरह साबित करने में नाकाम रहा.
अब मामले में 9 अक्टूबर को सुनवाई
अदालत से मामले में बड़ी राहत मिलने के बाद बृजभूषण सिंह ने इसे सच्चाई की जीत बताया था. उन्होंने कहा था, ‘मैंने पहले ही दिन कहा था कि यदि मेरे खिलाफ एक भी आरोप साबित हो गया, तो मैं खुद को फांसी पर लटका लूंगा.’ वहीं, अब 4 महिला पहलवानों की ओर सेफैसले को चुनौती दी गई है. अब सेशंस कोर्ट मामले की अगली सुनवाई 9 अक्टूबर को करेगा.



