Varanasi Anand Kashi Yojana: वाराणसी विकास प्राधिकरण करीब 30 वर्षों बाद अपनी पहली इंटीग्रेटेड गेटेड सिटी परियोजना आनंद काशी योजना शुरू करने जा रहा है. काशी की सांस्कृतिक और वैदिक विरासत की थीम पर विकसित की जा रही इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य आधुनिक सुविधाओं के साथ सुरक्षित और सुव्यवस्थित आवासीय वातावरण उपलब्ध कराना है. योजना के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया अगस्त से शुरू करने की तैयारी है.

वीडीए के उपाध्यक्ष पुलकित खरे ने बताया कि इस परियोजना को वास्तु सिद्धांतों के अनुरूप विकसित किया जा रहा है. पूरे नगर को बाउंड्री वॉल से सुरक्षित किया जाएगा और नियंत्रित प्रवेश एवं निकास व्यवस्था होगी. पहले चरण में करीब 150 एकड़ क्षेत्र में विकास कार्य किया जाएगा, जहां 2,000 से अधिक आवासीय भूखंड विकसित किए जाएंगे. इन भूखंडों का आकार लगभग 128 वर्गमीटर से 300 वर्गमीटर तक होगा.

परियोजना में ऐसा होगा सड़क नेटवर्क

योजना के तहत 24, 18, 12 और 9 मीटर चौड़ी सड़कों का सुव्यवस्थित नेटवर्क तैयार किया जाएगा. इसके साथ ही जलापूर्ति, सीवरेज, बिजली, बारिश जल निकासी, हरित क्षेत्र और अन्य सभी आधुनिक आधारभूत सुविधाएं विकसित की जाएंगी. परियोजना के लिए आवश्यक निर्माण कार्य और निविदा प्रक्रिया विभिन्न चरणों में चल रही है.

क्या है परियोजना की विशेषता?

परियोजना की एक प्रमुख विशेषता यह होगी कि कुल क्षेत्रफल का कम से कम 15 प्रतिशत हिस्सा हरित क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाएगा, जिसका क्षेत्रफल करीब 9 हेक्टेयर होगा. वहीं 24 मीटर चौड़ी मुख्य सड़क के किनारे व्यावसायिक भूखंड विकसित किए जाएंगे, जिससे भविष्य में यह क्षेत्र आर्थिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बन सके. इसके अलावा ग्रुप हाउसिंग, होटल, अस्पताल और स्कूलों के लिए भी अलगअलग भूखंड आरक्षित किए गए हैं.

रेरा से होगा रजिस्ट्रेशन

वीडीए के अनुसार, परियोजना के लिए अधिकांश भूमि का अधिग्रहण भूमि पूलिंग और प्रत्यक्ष खरीद के माध्यम से पूरा किया जा चुका है. फिलहाल योजना के रेरा पंजीकरण की प्रक्रिया जारी है. प्राधिकरण का लक्ष्य दिसंबर तक प्रमुख आधारभूत विकास कार्य पूरे करने का है.

वाराणसी विकास प्राधिकरण का कहना है कि आनंद काशी योजना के माध्यम से विभिन्न आय वर्गों के लोगों को किफायती दरों पर भूखंड उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि आधुनिक सुविधाओं और काशी की सांस्कृतिक पहचान का संगम एक ही स्थान पर देखने को मिल सके.