Suzuki ने कॉम्पैक्ट कारों के लिए अपनी नई Hybrid टेक्नोलॉजी को लेकर बड़ा ऐलान किया है. कंपनी ने स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड
के साथसाथ रेंज एक्सटेंडर टेक्नोलॉजी डेवलप करने की जानकारी दी है. रेंज एक्सटेंडर सिस्टम में प्लगइन चार्जिंग का सपोर्ट भी मिलेगा और इसे कंपनी ने REEV Light नाम दिया है.

कंपनी के मुताबिक, कॉम्पैक्ट कारों में Series Hybrid और PHEV/REEV Light दोनों तरह की हाईब्रिड टेक्नोलॉजी इस्तेमाल की जाएगी. माना जा रहा है कि Suzuki Fronx और Baleno उन शुरुआती मॉडल्स में शामिल हो सकती हैं, जिन्हें यह नई टेक्नोलॉजी मिल सकती है.दोनों ही मॉडल कई इंटरनेशनल मार्केट में बिक्री के लिए उपलब्ध हैं.
कैसे काम करेगा Suzuki का REEV Light सिस्टम?
Suzuki की थोड़ी अलग तरह से काम करेगी. इसमें कार के पहियों को चलाने का काम इलेक्ट्रिक मोटर करेगी, जबकि पेट्रोल इंजन जरूरत पड़ने पर बैटरी के लिए बिजली बनाएगा.कंपनी इसमें प्लगइन चार्जिंग की सुविधा भी देगी. इसके लिए कार में चार्जिंग पोर्ट और जरूरत के हिसाब से बैटरी पैक लगाया जाएगा.
इसका मकसद बड़ी और भारी बैटरी इस्तेमाल किए बिना इलेक्ट्रिक ड्राइविंग का फायदा देना है. Suzuki का कहना है कि REEV Light में बहुत बड़ी बैटरी नहीं होगी, लेकिन यह ड्राइविंग के दौरान बैटरी की रेंज को लेकर चिंता कम करने में मदद करेगा.
1.2 लीटर इंजन बन सकता है Hybrid सिस्टम का जनरेटर
और प्लगइन हाइब्रिड से जुड़े सिस्टम में Suzuki के 1.2 लीटर, 3सिलेंडर Z12E पेट्रोल इंजन का इस्तेमाल किए जाने की संभावना है. यह नैचुरली एस्पिरेटेड इंजन पहियों को सीधे चलाने के बजाय जनरेटर की भूमिका निभा सकता है.सीरीज़ हाइब्रिड सिस्टम में पेट्रोल इंजन बिजली बनाएगा और इलेक्ट्रिक मोटर उस बिजली का इस्तेमाल करके कार के पहियों को चलाएगी. यानी ड्राइविंग का सीधा काम इलेक्ट्रिक मोटर के पास रहेगा.
यह टेक्नोलॉजी उस SeriesParallel Hybrid सिस्टम से अलग होगी, जिसका इस्तेमाल Maruti Suzuki ने Toyota से ली गई टेक्नोलॉजी के जरिए Grand Vitara और Victoris जैसे मॉडल्स में किया है.
एक साथ तैयार होंगी दोनों Hybrid टेक्नोलॉजी
Suzuki ने बताया है कि कंपनी Series Hybrid और Plugin Hybrid सिस्टम को अलगअलग तरीके से विकसित करने के बजाय एक ही बेस पर तैयार करेगी. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। इसके लिए दोनों सिस्टम में कॉमन प्लेटफॉर्म और बेसिक डिजाइन का इस्तेमाल किया जाएगा. कंपनी के मुताबिक, इन टेक्नोलॉजी को एक परिवार की तरह डेवलप करने से डेवलपमेंट को ज्यादा प्रभावी बनाया जा सकेगा.
Suzuki ने यह भी बताया कि छोटी कारों के लिए नई Hybrid टेक्नोलॉजी में माइलेज, ड्राइविंग परफॉर्मेंस और लागत के बीच बेहतर संतुलन बनाने पर फोकस रहेगा. कंपनी का दावा है कि इस टेक्नोलॉजी से ICE यानी सामान्य पेट्रोल इंजन वाली कारों की तुलना में CO2 उत्सर्जन करीब 15 फीसदी तक कम किया जा सकता है.अगर यह टेक्नोलॉजी Fronx और Baleno जैसे मॉडल्स में आती है, तो इन कारों में बेहतर फ्यूल एफिशिएंसी के साथ इलेक्ट्रिफाइड ड्राइविंग का नया ऑप्शन देखने को मिल सकता है.



