Pakistani journalist Reply: के 81वें सत्र के दौरान एस. जयशंकर एक कार्यक्रम में प्रेस से बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान एक पाकिस्तानी पत्रकार ने उन्हें बीच में टोकते हुए पर में आतंकवाद को प्रायोजित करने का आरोप लगाया। पत्रकार ने सवाल किया कि भारत सरकार पाकिस्तान में कथित ‘प्रॉक्सी टेररिज्म’ को कब बंद करेगी। सवाल सुनने के बाद एस. जयशंकर ने बिना किसी लंबी प्रतिक्रिया के सीधे जवाब दिया। उन्होंने कहा, “एक आतंकी देश मुझसे ये सवाल पूछ रहा है।” इसके बाद जयशंकर मुस्कुराए और वहां से चले गए। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में पाकिस्तानी पत्रकार के सवाल और उसके बाद विदेश मंत्री की प्रतिक्रिया को लेकर यूजर्स अलगअलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।

समुद्री नाविकों की सुरक्षा पर भी बोले जयशंकर

UNGA में India का करारा जवाब, विदेश मंत्री S Jaishankar ने Pakistan को फिर लताड़ा !

संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के दौरान न्यूयॉर्क में आयोजित एक प्रेस ब्रीफिंग में भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने एक पाकिस्तानी पत्रकार को बेहद तीखा और करारा जवाब दिया। पाकिस्तानी… pic.twitter.com/eGLidAchMd

— Bansal News Official September 26, 2026

इससे पहले एस. जयशंकर (समुद्री नाविकों की सुरक्षा से जुड़े एक सम्मेलन में शामिल हुए। यहां उन्होंने समुद्र में नाविकों और समुद्री कर्मचारियों पर होने वाले हमलों को रोकने की जरूरत पर जोर दिया। जयशंकर ने कहा कि हिंसा और जानमाल के नुकसान को किसी भी स्थिति में सही नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने स्पष्ट कहा कि समुद्री कर्मचारियों पर होने वाले हमले हर हाल में रुकने चाहिए। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। विदेश मंत्री ने बताया कि समुद्री कर्मचारियों के एक प्रमुख स्रोत देश के तौर पर भारत ने इस मुद्दे पर लाइबेरिया के साथ सहयोग किया है। लाइबेरिया के पास टनेज के लिहाज से दुनिया की सबसे बड़ी शिपिंग रजिस्ट्रियों में से एक है।

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उन्होंने यह भी कहा कि समान हित रखने वाले दूसरे देशों और प्रमुख जहाज मालिकों को भी इस पहल से जोड़ा गया है। जयशंकर के मुताबिक, ‘ग्रुप ऑफ फ्रेंड्स’ की पहली बैठक में 25 देश शामिल हुए। इसका उद्देश्य समुद्री कर्मचारियों और कमर्शियल शिपिंग इंडस्ट्री से जुड़े मुद्दों पर वैश्विक स्तर पर ज्यादा ध्यान दिलाना है। जयशंकर ने कहा कि दुनिया का मर्चेंट फ्लीट करीब 20 लाख समुद्री कर्मचारियों की मेहनत से चलता है, जो कठिन परिस्थितियों में अपनी सेवाएं देते हैं।

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