Bareilly Violence One Year: उत्तर प्रदेश के बरेली में 26 सितंबर 2025 को हुई हिंसा को आज एक साल पूरा हो गया. हिंसा का मास्टरमाइंड आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रजा अभी जेल में बंद हैं. हिंसा के बाद उन पर मुकदमे दर्ज हुए और उन्हें मामले में आरोपी बनाया गया. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 7 सितंबर 2026 को उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी. इससे पहले जुलाई में सुप्रीम कोर्ट से भी उन्हें राहत नहीं मिली थी.

हालांकि, तौकीर रजा की गिरफ्तारी 26 सितंबर 2025 को हुई. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। आज 365 दिन बाद 26 सितंबर 2025 की हिंसा को एक साल हो गए. 26 सितंबर 2025 को आई लव मोहम्मद अभियान से जुड़े विरोध प्रदर्शन को लेकर बरेली में तनाव बढ़ गया था. जुमे की नमाज के बाद भीड़ इस्लामिया मैदान की तरफ बढ़ी. पुलिस ने भीड़ को रोकने की कोशिश की तो पथराव और पुलिस से टकराव की स्थिति बन गई.

हिंसा और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आईं

शहर के कई हिस्सों में हिंसा और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आईं. पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को खदेड़ा. घटना के बाद शहर में इंटरनेट सेवा भी बंद की गई थी. पुलिस की ओर से दर्ज मुकदमों में तौकीर रजा पर भीड़ को जुटाने और हिंसा भड़काने के आरोप लगाए गए. अदालत में अभियोजन पक्ष ने आरोप लगाया कि प्रशासन की पाबंदियों के बावजूद लोगों को जुटाया गया और पुलिस पर पथराव व हमला हुआ. इन आरोपों पर अदालत में सुनवाई जारी है.

मामले की सुनवाई के दौरान सर तन से जुदा नारे का भी जिक्र हुआ. 7 सितंबर 2026 को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने तौकीर रजा की जमानत याचिका खारिज करते हुए इस नारे को लेकर गंभीर टिप्पणी की. अदालत ने कहा कि ऐसे नारे कानून के अधिकार और देश की संप्रभुता एवं अखंडता को चुनौती देने वाले हो सकते हैं.इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने भी जुलाई 2026 में बरेली हिंसा से जुड़े एक मामले में तौकीर रजा को जमानत देने से इनकार किया था. वहीं अलगअलग मुकदमों में कई आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर अदालतों में सुनवाई चलती रही है.

एक साल बाद फिर सियासत गरम, अजय राय पहुंचे तौकीर के घर

हिंसा की पहली बरसी से ठीक पहले कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के तौकीर रजा के घर पहुंचने से बरेली की सियासत में भी चर्चा तेज हो गई. 24 सितंबर की रात अजय राय ने सौदागरान स्थित तौकीर रजा के घर जाकर उनके परिजनों से मुलाकात की. करीब 45 मिनट की मुलाकात के बाद राय ने सरकार पर मुकदमों को लेकर सवाल उठाए और कहा कि परिवार को कानूनी मदद दी जाएगी.

एक साल पहले बरेली की सड़कों पर हुए बवाल के बाद पुलिस ने कई मुकदमे दर्ज किए थे. सितंबर 2026 में भी पुलिस ने इस मामले में नए आरोपियों को गिरफ्तार किया है. यानी घटना के एक साल बाद भी जांच और कानूनी कार्रवाई का सिलसिला जारी है.