
Faridabad News: फरीदाबाद में सरकारी रिकॉर्ड की एक अजीब गड़बड़ी सामने आई है. 80 साल के सुरजन सिंह को सरकारी पेंशन रिकॉर्ड में करीब डेढ़ साल पहले ही मृत घोषित कर दिया गया. पेंशन बंद होने के बाद जब बैंक खाते में जमा करीब 50 हजार रुपए भी खत्म हो गए, तब उन्हें इस बात का पता चला. अब बुजुर्ग करीब तीन महीने से खुद को जिंदा साबित करने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहा है.
फरीदाबाद के NIT-5 निवासी सुरजन सिंह अपनी पत्नी के साथ रहते हैं. उनकी उम्र करीब 80 साल है. उन्हें हर महीने 3 हजार रुपए वृद्धावस्था पेंशन मिलती थी. उनके बैंक खाते में पहले से करीब 50 हजार रुपए जमा थे. करीब तीन महीने पहले जब खाते में जमा रकम खत्म हो गई तो सुरजन सिंह पेंशन के बारे में पता करने SBI बैंक पहुंचे. वहां उन्हें जानकारी मिली कि उनके खाते में करीब डेढ़ साल से पेंशन नहीं आई है.
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रिकॉर्ड में तो आपकी मौत हो चुकी
इसके बाद सुरजन सिंह सेक्टर-15 स्थित पेंशन कार्यालय पहुंचे. वहां कर्मचारियों ने रिकॉर्ड चेक किया तो बुजुर्ग के होश उड़ गए. पेंशन रिकॉर्ड में उनकी मौत 26 मार्च 2025 को दर्ज थी. इसी आधार पर उनकी पेंशन बंद कर दी गई थी. सुरजन सिंह का कहना है कि उन्हें यह तक नहीं बताया गया कि आखिर किस दस्तावेज या आधार पर सरकारी रिकॉर्ड में उन्हें मृत घोषित किया गया.
साहब, अब तो जिंदा मान लो
पेंशन बंद होने के बाद से सुरजन सिंह लगातार सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं. उनका कहना है कि वह अधिकारियों के सामने कई बार अपनी मौजूदगी और जिंदा होने की बात बता चुके हैं, लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हुआ. बुजुर्ग ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि वह चक्कर काट-काटकर थक चुके हैं. उनकी गुहार है- साहब… अब तो जिंदा मान लो. उम्र अधिक होने के कारण उन्हें चलने-फिरने में भी सहारे की जरूरत पड़ती है. ऐसे में बार-बार सरकारी दफ्तरों में जाना उनके लिए मुश्किल हो रहा है.
समाधान शिविर में भी लगाई गुहार
पेंशन विभाग के कर्मचारियों ने सुरजन सिंह को 17 सितंबर को सेक्टर-12 स्थित लघु सचिवालय में लगाए गए समाधान शिविर में जाने को कहा. वहां उन्होंने पेंशन रिकॉर्ड ठीक कराने की शिकायत दर्ज कराई. उनके मुताबिक शिकायत तो दर्ज कर ली गई, लेकिन मौके पर समस्या का समाधान नहीं हुआ. अधिकारियों की ओर से उन्हें आगे कार्रवाई का आश्वासन दिया गया.
पेंशन ID में मृत, PPP में जिंदा
सुरजन सिंह के मामले में सरकारी रिकॉर्ड के दो हिस्सों में अंतर भी सामने आया है. उनका कहना है कि पेंशन ID में उन्हें मृत दिखाया गया है, जबकि परिवार पहचान पत्र यानी PPP में वह जिंदा दर्ज हैं. बुजुर्ग का सवाल है कि जब परिवार पहचान पत्र में वह जीवित हैं तो पेंशन ID में उनकी मौत की एंट्री किस आधार पर की गई.
पत्नी की आय बढ़ने पर भी उठाए सवाल
सुरजन सिंह ने अपनी पत्नी प्रीतम कौर के रिकॉर्ड को लेकर भी सवाल उठाए हैं. उनकी पत्नी की उम्र भी करीब 80 साल है और वह बीमार रहती हैं. सुरजन सिंह के मुताबिक PPP में पहले उनकी पत्नी की आय 1.80 लाख रुपए दर्ज थी, जिसे अब बढ़ाकर 3 लाख रुपए कर दिया गया है. उनकी अपनी आय भी 3 लाख रुपए दर्ज दिखाई जा रही है. वहीं ऑक्यूपेशन में उन्हें पेंशनर बताया गया है. बुजुर्ग ने आय में हुए बदलाव का आधार जानने की मांग की है.
SDM बोले- चंडीगढ़ भेजी गई फाइल
मामले में SDM डॉ. हन्नी बंसल ने बताया कि सुरजन सिंह की शिकायत संबंधित विभाग को भेज दी गई है. विभाग की ओर से जानकारी दी गई है कि मामला चंडीगढ़ भेजा गया है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। वहीं, डिस्ट्रिक्ट सोशल वेलफेयर ऑफिसर (DSWO) ममता शर्मा से मामले में पक्ष जानने के लिए संपर्क किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया. फिलहाल सुरजन सिंह को अपनी पेंशन बहाल होने और सरकारी रिकॉर्ड में खुद को दोबारा जीवित दर्ज कराने का इंतजार है.



