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बिहार के जमुई में नाबालिग छात्र-छात्रा के साथ बदसलूकी और छेड़खानी के वायरल वीडियो के बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है. पुलिस के मुताबिक, मामले में वीडियो और दूसरे साक्ष्यों के आधार पर करीब 7 आरोपियों की पहचान की गई थी. अब तक 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि एक आरोपी की तलाश जारी है. इस कार्रवाई में मुख्य आरोपी बताए जा रहे नंदन यादव और हरेराम यादव की गिरफ्तारी सबसे ज्यादा चर्चा में है.

पुलिस कार्रवाई के दौरान नंदन यादव के पैर में गोली लगी, जबकि हरेराम यादव भी घायल हुआ. दोनों को इलाज के बाद पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. जिसके बाद सोशल में हाफ एनकाउंटर का हल्ला मचा हुआ है इसी के साथ आरोपी नंदन यादव की फेसबुक प्रोफाइल भी सामने आई है जिसके बाद उसमें पब्लिश वीडियो ने हैरान कर दिया है आइए जानते हैं आरोपियों की कुंडली…

7 आरोपियों में अब तक 6 गिरफ्तार, एक की तलाश

पुलिस के मुताबिक मामले में जिन आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है, उनमें रामाशीष चौधरी, मिथिलेश चौधरी, प्रमोद चौधरी, गोलू चौधरी, नंदन यादव और हरेराम यादव शामिल हैं. इनमें नंदन और हरेराम की गिरफ्तारी पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ के बाद हुई. वहीं अन्य आरोपियों को पुलिस ने जांच के दौरान हिरासत में लिया. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। एक आरोपी अभी फरार बताया जा रहा है और उसकी तलाश में छापेमारी जारी है.

नंदन यादव कौन है? पुलिस की नजर में कैसे आया?

नंदन यादव को पुलिस मामले का मुख्य आरोपी बता रही है. वायरल वीडियो में एक युवक के नाबालिग छात्रा के साथ कथित आपत्तिजनक व्यवहार करने की बात सामने आई थी और पुलिस जांच के दौरान उसकी पहचान नंदन यादव के तौर पर की गई. पुलिस के अनुसार, नंदन यादव जमुई सदर थाना क्षेत्र के प्रतापपुर गांव का रहने वाला है. उपलब्ध रिपोर्टों में उसकी उम्र करीब 25 वर्ष बताई गई है. वह कथित तौर पर ट्रैक्टर चलाने और बालू ढुलाई के काम से जुड़ा था.

कुंदर बराज में छिपा था नंदन यादव? ऐसे पहुंची पुलिस

नंदन यादव की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही थी. इसी दौरान पुलिस को उसके कुंदर बराज इलाके में छिपे होने की सूचना मिली. इसके बाद पुलिस टीम ने इलाके में घेराबंदी की. पुलिस के मुताबिक, आरोपी को पकड़ने की कोशिश के दौरान मुठभेड़ की स्थिति बनी. नंदन यादव के पैर में गोली लगी और उसे गिरफ्तार कर इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया. हालांकि नंदन की सटीक लोकेशन पुलिस को किस तकनीकी माध्यम या किस सूचना के आधार पर मिली, इसकी पूरी जानकारी अधिकारियों ने सार्वजनिक नहीं की है.

नंदन यादव के साथ हरेराम यादव भी पकड़ा गया

इसी पुलिस कार्रवाई के दौरान दूसरे आरोपी हरेराम यादव को भी गिरफ्तार किया गया. रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस कार्रवाई के दौरान भागने की कोशिश में हरेराम घायल हुआ. उसे भी पुलिस ने हिरासत में लेकर इलाज कराया. नंदन और हरेराम दोनों को जमुई के प्रतापपुर गांव का रहने वाला बताया गया है और दोनों के ट्रैक्टर चलाने तथा बालू ढुलाई से जुड़े होने की जानकारी सामने आई है.

नंदन यादव की फेसबुक प्रोफाइल से क्या सामने आया?

जांच के दौरान नंदन यादव से जुड़ी सोशल मीडिया प्रोफाइल की भी चर्चा सामने आई है. कुछ रिपोर्टों में उसके फेसबुक अकाउंट से जुड़े ऐसे वीडियो का उल्लेख है जिनमें वह कथित तौर पर शराब पीते दिखाई देता है. इन सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर अब अलग सवाल भी उठ रहे हैं. हालांकि किसी सोशल मीडिया प्रोफाइल से सामने आई सामग्री को आरोपी के खिलाफ अपराध का स्वतः प्रमाण नहीं माना जा सकता. पुलिस जांच में इसकी प्रामाणिकता और संदर्भ की पुष्टि अलग से जरूरी होगी.

पुलिस की कार्रवाई में नंदन के पैर में कैसे लगी गोली?

पुलिस के मुताबिक, नंदन यादव को पकड़ने के लिए चलाए गए ऑपरेशन के दौरान मुठभेड़ हुई. इस दौरान उसके पैर में गोली लगी. इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर अस्पताल पहुंचाया. दूसरे आरोपी हरेराम यादव के भी घायल होने की जानकारी सामने आई है. पुलिस कार्रवाई की पूरी परिस्थितियों और मुठभेड़ के घटनाक्रम की विस्तृत आधिकारिक जानकारी का इंतजार किया जा रहा है.

अब तक कौन-कौन गिरफ्तार?

गिरफ्तार आरोपियों के नाम-

  1. रामाशीष चौधरी-
  2. मिथिलेश चौधरी- पिता- नरेश चौधरी
  3. प्रमोद चौधरी- पिता- पंकज चौधरी
  4. गोलू चौधरी- पिता- सिकंदर चौधरी
  5. नंदन यादव -पुलिस मुठभेड़ के दौरान पैर में गोली लगी
  6. हरेराम यादव- पुलिस कार्रवाई के दौरान घायल होने के बाद गिरफ्तार 7वां आरोपी: पुलिस के मुताबिक अभी तलाश जारी है.

पीड़िता का वीडियो शेयर करने पर पुलिस की सख्त चेतावनी

जमुई पुलिस ने लोगों से वायरल वीडियो को शेयर या रीपोस्ट नहीं करने की अपील की है. नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर करने वाले वीडियो या सामग्री को प्रसारित करना कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकता है. पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी ऐसे कंटेंट के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है. शुरुआती कार्रवाई में कई सोशल मीडिया अकाउंट्स पर एक्शन लिए जाने की जानकारी सामने आई थी.

अब पुलिस के सामने सबसे बड़े सवाल

जमुई कांड में 6 गिरफ्तारियां होने के बाद भी जांच यहीं खत्म नहीं हुई है. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि:

घटना में कुल कितने लोग शामिल थे?

फरार आरोपी कौन है और वह कहां छिपा है?

वायरल वीडियो किसने बनाया?

वीडियो सोशल मीडिया तक कैसे पहुंचा?

घटना के दौरान वहां मौजूद हर व्यक्ति की भूमिका क्या थी?

क्या सभी आरोपियों की भूमिका एक जैसी थी या अलग-अलग?

क्या आरोपियों का पहले से कोई आपराधिक रिकॉर्ड है?

घटना के बाद वीडियो को वायरल करने में कौन-कौन शामिल रहा?

जमुई कांड में अब अगला कदम क्या?

फिलहाल पुलिस की कार्रवाई दो दिशाओं में आगे बढ़ रही है- एक तरफ फरार आरोपी की तलाश और दूसरी तरफ गिरफ्तार आरोपियों की भूमिका की जांच. पुलिस वायरल वीडियो, घटनास्थल से जुड़े साक्ष्यों और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही है. नंदन यादव और हरेराम यादव की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को मामले में अहम सुराग मिलने की उम्मीद है. हालांकि आरोपियों के खिलाफ लगे आरोपों और उनकी व्यक्तिगत भूमिका पर अंतिम निष्कर्ष जांच और अदालत की प्रक्रिया के बाद ही निकलेगा.