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अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे और दान की रकम में कथित गड़बड़ी की जांच कर रही सुप्रीम कोर्ट की ओर से गठित विशेष जांच टीम (SIT) को 105 अलग-अलग कथित चोरी की घटनाएं मिली हैं. SIT ने CCTV फुटेज, गवाहों के बयान और दान से जुड़े रिकॉर्ड की जांच के बाद ये घटनाएं चिन्हित की हैं. यह जानकारी 16 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई स्टेटस रिपोर्ट में दी गई है.

SIT की नई रिपोर्ट में सामने आई 105 घटनाएं पहले की जांच रिपोर्ट में दर्ज 70 मामलों से ज्यादा हैं. मामले की जांच के दौरान सैकड़ों घंटे की CCTV रिकॉर्डिंग, डिजिटल लॉगिंग रसीदों और बैंक में जमा रकम के रिकॉर्ड का विश्लेषण किया गया. उत्तर प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि मामले में 25 सितंबर तक चार्जशीट दाखिल कर दी जाएगी.

10 Points में पूरी डिटेल

1. SIT ने राम मंदिर में दान और चढ़ावे की रकम से जुड़ी 105 अलग-अलग कथित चोरी की घटनाओं की पहचान की है. इन घटनाओं का पता CCTV फुटेज, गवाहों के बयानों और दान से जुड़े रिकॉर्ड की जांच के दौरान चला.

2. SIT की नई रिपोर्ट में सामने आई घटनाओं की संख्या पहले की अंतरिम रिपोर्ट के मुकाबले बढ़ी है. पहली SIT ने 70 कथित चोरी की घटनाएं दर्ज की थीं. इस पहली SIT का गठन उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को किया था और इसकी अगुवाई विजय विश्वास पंत ने की थी.

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3. सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद 26 जुलाई को दूसरी SIT बनाई गई. इसमें लखनऊ जोन के पुलिस महानिरीक्षक किरण एस, अयोध्या रेंज के पुलिस उपमहानिरीक्षक सोमेन बरमा, अयोध्या के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गौरव ग्रोवर और बाराबंकी के अपर पुलिस अधीक्षक रितेश कुमार सिंह शामिल हैं.

4. जांच टीम ने मामले को समझने के लिए सैकड़ों घंटे की निगरानी कैमरों की रिकॉर्डिंग का विश्लेषण किया. इसके साथ डिजिटल लॉगिंग रसीदों और बैंक में जमा रकम के रिकॉर्ड की भी जांच की गई. जांचकर्ताओं ने इन रिकॉर्ड के आधार पर यह पता लगाने की कोशिश की कि दान की रकम बैंक लॉकर तक पहुंचने से पहले किस तरह कथित तौर पर निकाली गई.

5. SIT की स्टेटस रिपोर्ट में मंदिर में श्रद्धालुओं की ओर से दान किए गए कीमती सामान को संभालने की व्यवस्था के बारे में भी जानकारी दी गई है. रिपोर्ट में मामले में हुई गिरफ्तारियों और आरोपियों के खिलाफ जुटाए गए सबूतों का भी विवरण दिया गया है.

6. चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय बेंच ने सोमवार को SIT की स्टेटस रिपोर्ट पर गौर किया. इस बेंच में जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना भी शामिल थे. अदालत ने जांच की प्रगति पर संतोष जताया.

7. सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल याचिकाकर्ताओं को SIT की स्टेटस रिपोर्ट उपलब्ध कराने की मांग स्वीकार नहीं की. अदालत ने कहा कि वह इस मामले को अभी सेशन जज के अधिकार क्षेत्र से बाहर नहीं करना चाहती. कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर उसे आगे अतिरिक्त जांच की जरूरत महसूस हुई तो वह बाद में उचित आदेश जारी कर सकती है.

8. उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को भरोसा दिया कि मामले में 25 सितंबर तक चार्जशीट दाखिल कर दी जाएगी. यह तारीख इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि मामले में पहली गिरफ्तारी से 90 दिनों की कानूनी अवधि 25 सितंबर को पूरी हो रही है. इसके बाद गिरफ्तार आरोपियों को डिफॉल्ट जमानत मिलने की पात्रता बन सकती है, अगर निर्धारित अवधि में चार्जशीट दाखिल नहीं होती.

9. राम मंदिर में दान की रकम में कथित गड़बड़ी का मामला पहली बार 7 जून को सामने आया था. समाजवादी पार्टी के नेता तेज नारायण ‘पवन’ पांडे ने आरोप लगाया था कि मंदिर में चढ़ावे के तौर पर आई 5 करोड़ से 7.5 करोड़ रुपये तक की रकम कथित तौर पर निकाल ली गई. पहली अंतरिम रिपोर्ट में SIT ने भी आरोप लगाया था कि चढ़ावे की एक राशि मंदिर के निर्धारित बैंक खाते में जमा होने से पहले कथित तौर पर निकाल ली गई थी. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। इसके बाद 26 जून को दान की रकम को संभालने और गिनने से जुड़े आठ कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया था.

10. मामले में गिरफ्तार किए गए आठ लोगों के नाम अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, राम शंकर यादव ‘टिन्नू’, मनीष यादव, सुभाष श्रीवास्तव, अविनाश शुक्ला, रमा शंकर मिश्रा और करुणेश पांडे हैं. इन पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 306, 316(5), 317(4), 317(5), 61 और 3(5) के तहत मामले दर्ज किए गए हैं. इन धाराओं में आपराधिक विश्वासघात, धोखाधड़ी, चोरी और आपराधिक साजिश जैसे अपराध शामिल हैं. इसके अलावा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1)(a) भी लगाई गई है.