अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस ने सभी 8 आरोपियों के खिलाफ बुधवार सुबह अदालत में 7000 से अधिक पन्नों की चार्जशीट दाखिल कर दी. पुलिस द्वारा चार्जशीट दाखिल करने भर से अब आरोपियों के डिफॉल्ट बेल पाने की संभावना खत्म हो गई है. चढ़ावा चोरी मामले में पिछले करीब तीन महीने से जेल में बंद तीन और आरोपितों के जेल से बाहर आने पर विराम लग गया था.

स्पेशल कोर्ट ने अनुकल्प मिश्र, करुणेश पांडेय और लवकुश मिश्र की जमानत याचिका खारिज कर दी थी. कोर्ट ने सोमवार को अविनाश शुक्ल, रमाशंकर मिश्र और मनीष यादव की भी जमानत अर्जी निरस्त कर दी थी. इसके बाद शेष बचे दो अन्य आरोपितों रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू और सुभाषचंद्र श्रीवास्तव की जमानत अर्जी पर सुनवाई आज को इसी कोर्ट में होनी है.
आरोपियों के खिलाफ जून में हुई थी FIR
हाल के दिनों में राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मामला खासा चर्चा में रहा है. इस मामले में आरोपियों ने भीड़ का फायदा उठाकर बैंक कर्मियों और मंदिर के कुछ स्टाफ की मिलीभगत से दानपात्रों पैसे चुराते थे. जून के महीने में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर उत्तर प्रदेश सरकार ने SIT गठित की थी. इसके बाद 8 नामजद आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई.
CCTV फुटेज में 105 बार चोरी की घटना
एसआईटी ने सुप्रीम कोर्ट को अपनी स्टेटस रिपोर्ट में बताया कि काउंटिंग रूम के सीसीटीवी फुटेज में 105 बार चोरी की घटना सामने आई हैं, जहां अनधिकृत रूप से कैश को हटाया या छिपाया गया. शुरुआत में सिर्फ 70 घटनाओं का अंदेशा था. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। फुटेज में आरोपी नोटों की गड्डियों को जेबों और जूतों में छिपाते नजर आए हैं. जांच एजेंसियों ने आरोपियों के पास से अब तक करीब 79.85 लाख कैश बरामद किया है. यह रकम उन्होंने अपने घरों, शौचालयों और भूसे के ढेरों में छिपा रखी थी.
आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज
अयोध्या की विशेष अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य आरोपियों अविनाश शुक्ल, मनीष यादव, रमाशंकर मिश्र, अनुकल्प मिश्र, करुणेश पांडेय और लवकुश मिश्र की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी हैं. आरोपियों में मुख्य रूप से कैश काउंटिंग के लिए तैनात बैंक कर्मचारी, सुपरवाइजर सुभाष श्रीवास्तव और ट्रस्ट के महासचिव के पूर्व ड्राइवर रामशंकर उर्फ टिन्नू यादव शामिल हैं.



