Featured Image

आजमगढ़ के शंभूपुर गांव में मंगलवार शाम एक घर में चल रहा महामृत्युंजय जाप अचानक खौफनाक वारदात में बदल गया. पूजा करा रहे पंडितों को शायद अंदाजा भी नहीं रहा होगा कि कुछ ही देर में वहां गोलियां चलने वाली हैं. घर का माहौल उस वक्त बदल गया, जब अरविंद वहां पहुंचा और पूजा-पाठ को लेकर नाराज हो गया. देखते ही देखते विवाद बढ़ा और अरविंद ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल से फायरिंग कर दी.

इस फायरिंग में उसकी पत्नी और पूजा करा रहे दो पंडितों की मौत हो गई. इसके बाद अरविंद अपने तीन बच्चों के साथ एक कमरे में बंद हो गया. सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और उसे बाहर आने के लिए समझाने की कोशिश शुरू की. लेकिन काफी प्रयास के बाद भी वह नहीं माना. आखिरकार यूपी एटीएस की टीम भी मौके पर पहुंची और पुलिस एनकाउंटर में अरविंद मारा गया.

इस पूरी घटना के बाद अरविंद की मां ने जो बातें बताईं, उनसे वारदात से पहले घर के अंदर चल रहे घटनाक्रम की तस्वीर सामने आती है. ज्ञात हो कि इस हादसे में कुल पांच लोगों की मौत हुई है. दो पंडित, अरविंद और उसकी पत्नी और बेटा.

चार दिन से चल रहा था जाप, मंगलवार होना था खत्म…

अरविंद की मां के मुताबिक, उनके घर में पिछले चार दिनों से महामृत्युंजय जाप चल रहा था. मंगलवार को पूजा का आखिरी दिन था. घर में तीन पंडित पूजा करा रहे थे. उन्होंने बताया कि परिवार में पहले एक बड़े बेटे की मौत हो चुकी थी. इसके बाद पंडितों ने सलाह दी थी कि पूजा-पाठ कराने से घर की परेशानियां शांत हो सकती हैं. इसी वजह से महामृत्युंजय जाप कराया जा रहा था.

मां का कहना है कि अरविंद का मानसिक संतुलन ठीक नहीं था. वह बड़े बेटे को लेकर परेशान रहता था और कहता था कि बड़ा बेटा भूत बनकर उसे परेशान कर रहा है. परिवार इसी परेशानी को दूर करने के लिए पूजा करा रहा था.

घर पहुंचते ही अरविंद का दिमाग ठनका…

मंगलवार शाम अरविंद बाहर से अपने घर पहुंचा. घर के अंदर पूजा-पाठ होते देखकर वह नाराज हो गया. उसकी मां के मुताबिक, उसने आते ही पूजा बंद करने को कहा. अरविंद बार-बार कह रहा था, “पूजा रोको… पूजा रोको.” इसके बाद उसने पूजा करा रहे पंडितों से उनके आधार कार्ड मांगे. मां के अनुसार, अरविंद पंडितों से पूछ रहा था कि वे कौन हैं और कह रहा था कि वह उन्हें नहीं जानता. मामला यहीं नहीं रुका. मां के मुताबिक, अरविंद ने पहले डंडे से हमला किया. इसके बाद उसने कुल्हाड़ी निकाली और फिर अपनी पिस्टल निकाल ली.

पत्नी ने पूजा रोकने का विरोध किया तो चला दी गोली…

अरविंद की मां ने बताया कि जब उसकी पत्नी ने पूजा रोकने का विरोध किया तो उसने अपनी लाइसेंसी पिस्टल से गोली चला दी. इसके बाद उसने पूजा करा रहे पंडितों पर भी फायरिंग की. मां के मुताबिक, अरविंद ने कुल तीन राउंड फायर किए. फायरिंग में उसकी पत्नी और दो पंडितों को गोली लगी. तीनों की मौत हो गई. उस समय घर में तीन पंडित मौजूद थे, जिनमें से दो की मौत गोली लगने से हुई. मां ने बताया कि जैसे ही अरविंद ने पंडितों पर हमला किया, वह और उनकी पोती वहां से भाग गए.

हत्या के बाद तीन बच्चों के साथ कमरे में बंद हुआ अरविंद…

पत्नी और दो पंडितों को गोली मारने के बाद अरविंद ने अपने तीन बच्चों को साथ लिया और एक कमरे में बंद हो गया. उसने खुद को भी उसी कमरे में बंद कर लिया. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई. पुलिस के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती कमरे के अंदर मौजूद बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालना और अरविंद को आत्मसमर्पण के लिए राजी करना था. पुलिस ने उससे बातचीत करने और उसे समझाने की कोशिश की. उसे बाहर आने के लिए कहा गया, लेकिन वह मानने को तैयार नहीं हुआ.

मौके पर पहुंची ATS, फिर हुआ एनकाउंटर

स्थिति को देखते हुए यूपी एटीएस की टीम भी मौके पर पहुंची. पुलिस और एटीएस की टीम ने अरविंद को काबू करने की कोशिश की. काफी देर तक चले घटनाक्रम के बाद पुलिस एनकाउंटर में अरविंद मारा गया. इस तरह एक ही घटना में चार लोगों की जान चली गई, जिसमें अरविंद की पत्नी और दो पंडित शामिल थे, जबकि बाद में हत्यारोपित अरविंद भी एनकाउंटर में मारा गया.

क्या दिमाग नहीं था ठीक?

घटना के बाद अरविंद की मां ने अपने बेटे की मानसिक स्थिति को लेकर भी बात की. उन्होंने कहा कि अरविंद का दिमाग ठीक नहीं था. मां के मुताबिक, उनका बड़ा बेटा पहले मर चुका था और अरविंद को लगता था कि वह भूत बनकर उसे परेशान कर रहा है. इसी वजह से घर में पूजा-पाठ कराया जा रहा था.

उन्होंने यह भी कहा कि जिस परिवार के लोगों की वजह से उनके बड़े बेटे की हत्या हुई थी, उसी परिवार को लेकर अरविंद परेशान रहता था और मानता था कि वही लोग परिवार को परेशान कर रहे हैं.

भूत-प्रेत की बातों के बीच क्यों कराया जा रहा था जाप?

अरविंद की मां ने घटना को भूत-प्रेत से जुड़ी परेशानी से भी जोड़ा. उनका कहना था कि बड़े बेटे की मौत के बाद घर में यह धारणा बनी थी कि उसकी वजह से अरविंद परेशान है. पंडितों ने पूजा-पाठ कराने की बात कही थी, जिसके बाद चार दिनों से महामृत्युंजय जाप चल रहा था. लेकिन जिस पूजा के जरिए परिवार घर में शांति लाने की उम्मीद कर रहा था, वही पूजा मंगलवार शाम अचानक खूनी वारदात में बदल गई.

शंभूपुर गांव की इस घटना में सबसे पहले घर के अंदर चल रही पूजा, फिर अरविंद का वहां पहुंचना, पूजा रोकने को लेकर विवाद, फायरिंग, तीन लोगों की मौत, बच्चों के साथ कमरे में बंद होना और आखिर में पुलिस एनकाउंटर तक का घटनाक्रम सामने आया है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। अरविंद की मां के बयान से घटना से पहले की परिस्थितियों की जानकारी मिली है. पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और घटना से जुड़े सभी पहलुओं को देखा जा रहा है.