✍️ hellohimachalse@gmail.com📅 September 23, 2026🕐 4 hours ago👁 0 views
नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर चुनाव आयोग के भीतर कथित मतभेदों की खबर सामने आने के बाद विपक्षी दलों ने सवाल उठाए हैं। शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने मामले पर तत्काल सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की है। पार्टी सांसद सुप्रिया सुले ने कहा कि यह मुद्दा किसी एक दल तक सीमित नहीं, बल्कि चुनावी प्रक्रिया और नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों से जुड़ा है।
विवाद की शुरुआत कैसे हुई?
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले करीब 10 महीनों में आयोग के कुछ फैसलों को लेकर कई बार लिखित आपत्तियां दर्ज कराई थीं। रिपोर्ट में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर से जुड़े मामलों का भी उल्लेख है।
हालांकि, चुनाव आयोग से जुड़े सूत्रों ने कहा है कि आयोग के फैसले नियमों के तहत लिए गए हैं और अंतिम फैसलों पर तीनों चुनाव आयुक्तों की प्रक्रिया के अनुसार मंजूरी शामिल रही है।
किस पार्टी ने क्या कहा?
राकांपा : सुप्रिया सुले ने पूरे मामले पर सभी राजनीतिक दलों की बैठक बुलाने की मांग की और कहा कि पहले सामने आए आरोपों की सच्चाई स्पष्ट होनी चाहिए।
समाजवादी पार्टी: अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और लोकतांत्रिक व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए।
आम आदमी पार्टी: अरविंद केजरीवाल ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की और चुनावों से जुड़े व्यापक सवाल उठाए।
वाम दल: माकपा सांसद जॉन ब्रिटास ने ज्ञानेश कुमार को हटाने की प्रक्रिया शुरू करने की मांग रखी और एसआईआर को लेकर न्यायिक हस्तक्षेप की बात कही।
कांग्रेस: कांग्रेस नेताओं ने भी रिपोर्ट में सामने आए दावों पर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए हैं। मनीष तिवारी ने कहा कि यदि रिपोर्ट में बताए गए तथ्य सही हैं तो इससे आयोग के कामकाज पर गंभीर प्रश्न उठते हैं।
शिवसेना : संजय राउत ने भी मामले को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी और ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई।
अब आगे क्या?
फिलहाल विवाद का एक प्रमुख बिंदु यह है कि दो चुनाव आयुक्तों की कथित आपत्तियों को किस रूप में देखा जाए और एसआईआर तथा चुनाव आयोग की निर्णय प्रक्रिया को लेकर उठे सवालों पर क्या स्पष्टीकरण सामने आता है। चुनाव आयोग की ओर से यह कहा गया है कि उसके फैसले नियमों और निर्धारित प्रक्रिया के तहत लिए गए हैं।