राम मंदिर दान चोरी मामले में आरोपी लवकुश मिश्रा के खिलाफ बड़े एक्शन की तैयारी हो चुकी है. अयोध्या विकास प्राधिकरण ने उसकी पत्नी को अवैध मकान निर्माण को लेकर नोटिस थमा दिया है. प्राधिकरण ने लवकुश की पत्नी को उनके नाम पर बने घर के कथित अनाधिकृत निर्माण पर नोटिस भेजा है. उधर, पुलिस ने चंदा चोरी मामले में अपनी जांच तेज कर दी है. यह जानकारी पुलिस सूत्रों ने दी है.

पीटीआई के मुताबिक, एडीए सूत्रों के मुताबिक, सोहावल तहसील के बनवीरपुर गांव में लवकुश के मकान का निर्माण चल रहा है. मकान वाली जमीन लवकुश की पत्नी सुप्रिया के नाम पर खरीदी गई थी. अब ये जानकारी सामने आ रही है कि प्राधिकरण से जरूरी अनुमोदन लिए बिना निर्माण किया गया है. वहीं, पुलिस सूत्रों ने कहा कि जांचकर्ताओं ने बुधवार को लवकुश के आवास की भी तलाशी ली थी. इतना ही नहीं उसके परिवार के सदस्यों से पूछताछ भी की थी.
अविनाश पर कसेगा पुलिस का कड़ा शिकंजा!
इस बीच पुलिस सूत्रों ने संकेत दिया कि जांचकर्ता चंदा चोरी मामले में आरोपी आरोपी अविनाश शुक्ला के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कड़ी कर सकते हैं. इसी के पास से अब तक सबसे ज्यादा कैश मिला है. अविनाश के पास से 20.39 लाख रुपये, करुणेश पांडे से 18.07 लाख रुपये, लवकुश मिश्रा से 14.25 लाख रुपये, अनुकल्प मिश्रा से 16.82 लाख रुपये, रमाशंकर मिश्रा से 7.32 लाख रुपये और रमाशंकर उर्फ टीनू से एक लाख रुपये बरामद हुए हैं.
यहां एक दशक से रह रहा था अविनाश शुक्ला
पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान करीब 11 ग्राम सोना, करीब 375 ग्राम चांदी और 1121 अमेरिकी डॉलर भी बरामद हुए हैं. सूत्रों ने बताया कि एक अहम बरामदगी में जांचकर्ताओं ने अयोध्या के एक योग केंद्र से पेटीएम क्यूआर कोड वाला ‘रामराज्य कोष’ लेबल वाला एक दान बॉक्स जब्त किया, जहां अविनाश शुक्ला लगभग एक दशक से रह रहा था.
7 जून को सामने आया था गबन का मामला
बता दें कि राम मंदिर के दान में कथित गबन सात जून को सामने आया था. बाद में यूपी सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल की शुरुआती रिपोर्ट के बाद 25 जून को एक एफआईआर दर्ज की गई थी. पुलिस का कहना है कि इस मामले में मंदिर के दानगितनी प्रक्रिया से जुड़े 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और जांच चल रही है.



