हाजीपुर। महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा प्रश्नपत्र लीक मामले की जांच अब कई राज्यों तक फैल गई है। परीक्षा से पहले कथित तौर पर प्रश्नपत्र लीक होने के मामले में महाराष्ट्र स्पेशल टास्क फोर्स ने वैशाली पुलिस की सहायता से बिहार के हाजीपुर स्थित एक साइबर कैफे पर देर रात छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान तीन लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया।

यह कार्रवाई 28 जून को प्रस्तावित महाराष्ट्र TET परीक्षा से पहले कथित प्रश्नपत्र लीक की जांच का हिस्सा है।
पुलिस के अनुसार, बुधवार देर रात महाराष्ट्र STF, ठाणे पुलिस और वैशाली पुलिस की संयुक्त टीम ने हाजीपुर के कचहरी रोड स्थित एक साइबर कैफे पर छापा मारा। तलाशी अभियान गुरुवार तड़के करीब एक बजे तक चला। इस दौरान जांच अधिकारियों ने साइबर कैफे में मौजूद दस्तावेजों, कंप्यूटरों और अन्य डिजिटल उपकरणों की गहन जांच की।
कार्रवाई के दौरान साइबर कैफे संचालक सोनू कुमार सहित तीन लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि हिरासत में लिए गए लोगों को औपचारिक रूप से गिरफ्तार नहीं किया गया है और मामले की जांच जारी रहने के दौरान उनसे पूछताछ की जा रही है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, छापेमारी के दौरान कई डिजिटल उपकरण और महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए हैं। जब्त सामग्री को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उनका कथित प्रश्नपत्र लीक से कोई संबंध है या नहीं।
महाराष्ट्र पुलिस के एक अधिकारी ने कहा, “यह मामला महाराष्ट्र TET पेपर लीक से जुड़ा है। हम इसी मामले की जांच के सिलसिले में यहां आए हैं। हमें कुछ संदिग्ध दस्तावेज मिले हैं और आगे की कार्रवाई जारी है।”
अधिकारियों ने बताया कि जांच फिलहाल बेहद महत्वपूर्ण चरण में है और फोरेंसिक विश्लेषण की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
साइबर कैफे संचालक सोनू कुमार के बड़े भाई जितेंद्र कुमार ने बताया कि बुधवार रात सोनू के घर नहीं लौटने पर परिवार चिंतित हो गया था। उनके अनुसार, सोनू की पत्नी ने परिवार को बताया कि उनका फोन भी नहीं लग रहा था। इसके बाद परिजनों ने पूरी रात उनकी तलाश की और गुरुवार को पुलिस कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद ही पूरे घटनाक्रम का पता चला। परिवार की ओर से महाराष्ट्र STF द्वारा जांचे जा रहे आरोपों पर कोई अन्य सार्वजनिक बयान नहीं दिया गया है।
महाराष्ट्र TET पेपर लीक मामले की जांच पहले ही महाराष्ट्र, बिहार और हरियाणा तक पहुंच चुकी है। जांच एजेंसियों ने बिहार के समस्तीपुर जिले के निवासी बिजेंद्र गुप्ता को उस नेटवर्क का कथित मास्टरमाइंड बताया है, जिस पर प्रश्नपत्र लीक कराने का आरोप है। पुलिस की टीमें बिजेंद्र गुप्ता की तलाश में कई राज्यों में लगातार छापेमारी कर रही हैं।
इससे पहले महाराष्ट्र STF ने मामले से जुड़े कथित वित्तीय लेनदेन की जांच के तहत पटना में बिजेंद्र गुप्ता की पत्नी से भी पूछताछ की थी।
महाराष्ट्र TET परीक्षा के लिए 4.28 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया था। हालांकि, 28 जून को निर्धारित परीक्षा से करीब 24 घंटे पहले प्रश्नपत्र कथित रूप से लीक होने के बाद महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद ने परीक्षा रद्द कर दी थी।
महाराष्ट्र STF पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि विभिन्न राज्यों में चल रही जांच के दौरान एकत्र किए गए साक्ष्यों और फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह मामला देश की प्रतियोगी परीक्षाओं की सुरक्षा व्यवस्था और प्रश्नपत्र लीक नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।



