DA Hike 2026: देश भर के केंद्रीय कर्मचारियों के साथ पेंशनभोगियों को त्योहारी सीजन में एक बड़े तोहफे का इंतजार था. सबको लग रहा था कि बुधवार, 21 अक्टूबर को होने वाली कैबिनेट बैठक में सरकार जुलाई 2026 छमाही के लिए महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी का ऐलान कर देगी. ये समय दशहरा उत्सव के साथ बोनस मिलने का होता है. ऐसे में उम्मीद काफी ज्यादा थी कि सरकार इस मौके पर कोई बड़ी खुशखबरी देगी. लेकिन इस बैठक में महंगाई भत्ते पर कोई फैसला नहीं हुआ. इससे लाखों कर्मचारियों की उम्मीदों पर पानी फिर गया है.

अब किस तारीख पर टिकी हैं सबकी नजरें
21 अक्टूबर की बैठक खाली जाने के बाद अब सबकी निगाहें अगले हफ्ते होने वाली कैबिनेट बैठक पर टिकी हैं. माना जा रहा है कि ये अगली बैठक बुधवार, 28 अक्टूबर को हो सकती है. केंद्र सरकार की कैबिनेट बैठकें आमतौर पर बुधवार के दिन ही होती हैं. हालांकि जरूरत पड़ने पर सरकार इसे किसी दूसरे दिन के लिए टाल भी देती है. कई बार एक हफ्ते में एक से ज्यादा बार भी बैठक बुला ली जाती है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। ऐसे में कर्मचारियों को अभी थोड़ा और सब्र करना होगा.
भत्ते के ऐलान में क्यों हो रही देरी?
महंगाई भत्ते के ऐलान में देरी होना कोई नई बात नहीं है. इससे पहले जनवरी साइकिल के भत्ते में बढ़ोतरी का ऐलान भी एक महीने से ज्यादा की देरी से हुआ था. तब 18 अप्रैल को शनिवार के दिन हुई कैबिनेट बैठक के बाद इसकी घोषणा की गई थी. उस वक्त सरकार ने जुलाई 2025 साइकिल के 58 प्रतिशत भत्ते को बढ़ाकर जनवरी साइकिल के लिए 60 प्रतिशत किया था.
उस समय पेंशन एक्सपर्ट्स ने बताया था कि प्रशासनिक प्रक्रियाओं के अलावा 8वें वेतन आयोग के ढांचे में बदलाव की वजह से ये देरी हुई थी. इस ढांचे के तहत कर्मचारियों के नए वेतन ढांचे को महंगाई के आंकड़ों के साथ तालमेल बिठाकर सेट करना जरूरी होता है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस बार हो रही देरी किसी ढांचागत बदलाव की वजह से नहीं, बल्कि सिर्फ कागजी प्रक्रियाओं के चलते हो रही है.
कितना बढ़ेगा भत्ता, क्या है इसका फॉर्मूला?
महंगाई भत्ते में होने वाला बदलाव एक तय फॉर्मूले पर काम करता है. ये फॉर्मूला औद्योगिक श्रमिकों के लिए अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के 12 महीने के औसत से जुड़ा होता है. जुलाई 2026 में भत्ता बढ़ाने के लिए जरूरी 12 महीनों के ये आंकड़े पहले ही पूरे हो चुके हैं.
इन आंकड़ों के हिसाब से अगली छमाही के लिए महंगाई भत्ते या महंगाई राहत में 3 से 4 प्रतिशत की बढ़ोतरी होने की पूरी संभावना है. अगर ऐसा होता है, तो मौजूदा महंगाई भत्ता 60 प्रतिशत से बढ़कर 63 या 64 प्रतिशत पर पहुंच जाएगा.
हर महीने सैलरी में कितने रुपये बढ़ेंगे?
AICPIIW के आंकड़ों के आधार पर अगर भत्ते में 2 से 3 प्रतिशत की भी बढ़ोतरी होती है, तो इससे हर महीने मिलने वाली सैलरी में अच्छा इजाफा देखने को मिलेगा. इसे आसानी से समझने के लिए बेसिक सैलरी का गणित देख सकते हैं. जिन कर्मचारियों की बेसिक सैलरी 18,000 रुपये है, उनके वेतन में हर महीने करीब 360 से 540 रुपये तक की बढ़त हो सकती है. वहीं अगर किसी कर्मचारी का मूल वेतन 29,200 रुपये है, तो उसकी मासिक सैलरी में 584 से 876 रुपये के बीच इजाफा हो सकता है. अब बस सरकार की तरफ से आधिकारिक मुहर लगने का इंतजार है.



