अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग के मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच ने जांच के दौरान बड़ा कदम उठाया है. पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 111 जोड़ दी है. यह धारा संगठित अपराध से संबंधित है.इससे पहले मामले में हत्या की कोशिश और आर्म्स एक्ट समेत अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया था. अब संगठित अपराध से संबंधित धारा जोड़े जाने के बाद जांच का दायरा बढ़ गया है.

क्या है BNS की धारा 111?

भारतीय न्याय संहिता की धारा 111 संगठित अपराध से संबंधित है. संगठित अपराध यह एक ऐसा अपराध है, जो समाज के लिए दिनप्रतिदिन एक गंभीर खतरा बनता जा रहा है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। इसके दायरे में जबरन वसूली, जमीन पर अवैध कब्जा, सुपारी लेकर हत्या, आर्थिक अपराध, साइबर अपराध और मादक पदार्थों, हथियारों या इंसानों की संगठित तस्करी जैसे अपराध शामिल हैं.

संगठित अपराध में किसी की मौत होने पर: दोष सिद्ध होने पर मृत्युदंड या आजीवन कारावास और कम से कम 10 लाख रुपये जुर्माने का प्रावधान है.

साजिश, प्रयास, उकसाने या संगठित अपराध में शामिल होने पर: अपराध की प्रकृति के अनुसार कम से कम पांच साल से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा और कम से कम 5 लाख रुपये जुर्माने का प्रावधान हो सकता है.

आरोपियों को शरण देने या छिपाने पर: संगठित अपराध में शामिल लोगों को जानबूझकर शरण देने या छिपाने वालों के खिलाफ भी संबंधित प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई हो सकती है.

अपराध से अर्जित संपत्ति रखने पर: संगठित अपराध से हासिल संपत्ति रखने वालों पर भी कानून के तहत कार्रवाई का प्रावधान है.

टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में BNS की धारा 111 जोड़े जाने को जांच की दिशा में अहम घटनाक्रम माना जा रहा है. हालांकि, आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के दौरान होगी.

मामले में तीनों शूटर समेत 7 लोग गिरफ्तार

मुंबई के जुहू इलाके में अभिनेता टाइगर श्रॉफ के कार पर रविवार शाम फायरिंग की घटना सामने आई थी. इसमें अभिनेता टाइगर श्रॉफ बालबाल बचे थे. लेकिन उनके ड्राइवर और एक अन्य व्यक्ति घायल हुए थे. वारदात के 15 घंटे में मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने हमले में तीनों आरोपियों को कोटा रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया था. इसके बाद मामले में चार और लोगों को गिरफ्तार किया.

पुलिस ने हमलावरों को हथियार पहुंचाने में मदद करने वालों में दो युवक और दो महिलाओं को पकड़ा है. वहीं, इसके तार लॉरेंस गैंग के सहयोगी गैंगस्टर अनिल पंडित से जुडे हैं. आरोप है कि ने इस हमले को प्लान किया था. जांच अभी जारी है. सभी आरोपियों की भूमिका और उनके बीच संबंधों को लेकर अंतिम निष्कर्ष पुलिस की जांच और उपलब्ध सबूतों के आधार पर ही सामने आएगा.