
CG News: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक हैरान कर देने वाली घटना घटी। अंतिम संस्कार में शामिल होकर लौट रहे मामा-भांजा का आटो जलती चिता में जाकर घुस गया। आग की लपटों से आटो जलकर खाक हो गया।
बिलासपुर।रिश्तेदार के अंतिम संस्कार से लौटते वक्त श्मशान घाट में एक भयावह घटना घट गई। आटो जलती चिता में जाकर घुस गया। आग की लपटें इतनी तेज थी कि आटो कुछ ही मिनटों में धू-धू कर जलने लगा। जलते आटो में मामा-भांजा सवार थे। किसी तरह बाहर निकले, नहीं तो एक बड़ी अनहोनी घट जाती। दोनों आग से झूलस गए हैं, दोनों का सिम्स में इलाज चल रहा है।
छत्तीसगढ़ बिलासपुर सिविल लाइन थाना क्षेत्र के महाराणा प्रताप चौक पर रहने वाले दशरथ सिंह राजपूत आटो ड्राइवर है। उनका भांजा शैलेंद्र सिंह कोरबा इमलीडुग्गू में रहता है। दशरथ की रिश्तेदार मंगला दीनदयाल कालोनी में रहती थी। वृद्धा की तबीयत खराब थी, शुक्रवार को उसकी मौत हो गई।
रिश्तेदार की मौत की सूचना पर दशरथ अपने भांजे शैलेंद्र को लेकर मंगला धुरीपारा पहुंचा। वृद्धा के अंतिम संस्कार के बाद दशरथ अपने भांजे को लेकर आटो से घर लौट रहे थे। दशरथ ने आटो को स्वीच ऑफ करते वक्त बेक गेयर में रख दिया था।
आटो स्टार्ट करते वक्त दशरथ भूल गया कि आटो बेक गेयर में है। आटो स्टार्ट कर वह उसे आगे बढ़ा रहा था, तब वह यह भूल गया कि आटो बेक गेयर में है। लिहाजा स्टार्ट कर जैसे ही आगे बढ़ाने एक्सीलेटर पर पैर रखा, आटो आगे बढ़ने के बजाय तेजी के साथ पीछे गया और जलती चिता में जाकर घुस गया।
आटो पर बैठे दशरथ और उनका भांजा दोनों आग की लपटों में झूलस गए। दशरथ और उनका भांजा किसी तरह बाहर निकले। इधर आटो चिता की आग की चपेट में आकर पूरी तरह जलकर खाक हो गा। झुलसे मामा और भांजे को सिम्स में भर्ती कराया गया है। जहां पर दोनों का इलाज चल रहा है।
ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं।


