Tuesday, February 10, 2026
Crime

मंदिर के भंडारे से लौट रही 7 लड़कियों को कार ने कुचला, 4 की दर्दनाक मौत, 3 गंभीर!

मंदिर के भंडारे से लौट रही 7 लड़कियों को कार ने कुचला, 4 की दर्दनाक मौत, 3 गंभीर!
मंदिर के भंडारे से लौट रही 7 लड़कियों को कार ने कुचला, 4 की दर्दनाक मौत, 3 गंभीर!

Raebareli Road Accident: उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में रविवार देर शाम एक हृदय विदारक सड़क हादसा हुआ। जगतपुर थाना क्षेत्र में निर्माणाधीन गंगा एक्सप्रेसवे पर एक तेज रफ्तार कार ने पैदल जा रही सात युवतियों को कुचल दिया। इस भीषण हादसे में चार युवतियों की मौत हो गई, जबकि उनकी तीन सहेलियां जिला अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही हैं।

यह दर्दनाक हादसा रायबरेली जगतपुर थाना क्षेत्र के सुल्तानपुर जनोली और चूली गांव के पास हुआ। जानकारी के अनुसार, चूली गांव के एक नए मंदिर में रविवार को भंडारे का आयोजन किया गया था, जहां कोडर गांव की सात सहेलियां प्रसाद लेने पहुंची थीं। शाम करीब 7 बजे जब वे पैदल अपने गांव वापस लौट रही थीं, तभी लालगंज की ओर से आ रही एक अनियंत्रित और तेज रफ्तार कार ने उन्हें पीछे से रौंद दिया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि युवतियां एक्सप्रेसवे से उछलकर सड़क किनारे गड्ढों में जा गिरीं।

मृतकों की पहचान: गांव में छाया सन्नाटा

हादसे में जान गंवाने वाली चारों युवतियां ग्राम पंचायत कोडर की रहने वाली थीं। दो युवतियों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि दो अन्य ने अस्पताल ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया। मृतकों की पहचान इस प्रकार हुई है:

• शालिनी (22 वर्ष), पुत्री जंग बहादुर
• हिमांशी (23 वर्ष), पुत्री दल बहादुर
• रश्मि (14 वर्ष), पुत्री रामरतन
• आसमा (18 वर्ष)

फरार ड्राइवर की तलाश

हादसे की सूचना मिलते ही अपर पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार सिन्हा, एसपी रवि कुमार और सीओ सिटी अरुण कुमार नौहवार भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने तुरंत एंबुलेंस बुलाकर घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां कुछ की हालत अब भी नाजुक बनी हुई है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। हादसे के बाद कार चालक मौके से फरार हो गया, हालांकि पुलिस ने क्षतिग्रस्त कार को जब्त कर लिया है और आरोपी की तलाश में टीमें लगा दी गई हैं।

निर्माणाधीन एक्सप्रेसवे पर अवैध आवाजाही बनी खतरा

इस हादसे ने निर्माणाधीन गंगा एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह एक्सप्रेसवे अभी आम यातायात के लिए पूरी तरह खुला नहीं है और पैदल चलना या निजी वाहन चलाना प्रतिबंधित है। इसके बावजूद, आसपास के ग्रामीण और वाहन चालक नियमों की अनदेखी कर यहां बेधड़क गाड़ियां दौड़ाते हैं, जो अक्सर ऐसे हादसों का कारण बनता है।

me.sumitji@gmail.com

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