शिमला। नई दिल्ली में कांग्रेस की वर्किंग कमेटी बैठक बेशक भारत निर्वाचन आयोग के एसआईआर पर हुई हो, लेकिन हिमाचल सरकार ने शिक्षा के मॉडल पर अपनी प्रेजेंटेशन भी कांग्रेस हाईकमान में रखी है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने अपने मुख्यमंत्री शिक्षा मंत्रियों और कांग्रेस प्रभारियों की बैठक इस बारे में बुलाई थी। हिमाचल की ओर से मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर और तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने अपनी बात रखी। इस बैठक में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल समेत वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। बैठक में कांग्रेस शासित अन्य राज्यों के मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री भी शामिल हुए। हिमाचल की ओर से शिक्षा व्यवस्था में किए जा रहे बदलाव, शिक्षकों की नियुक्तियां, उच्च शिक्षा में सुधार, तकनीकी शिक्षा को रोजगार से जोडऩे और नई शिक्षा नीति के तहत किए जा रहे कार्यों की जानकारी हाईकमान को दी गई। इस बैठक में हिमाचल सरकार ने विश्वविद्यालयों में कुलपति नियुक्ति से जुड़े विधेयकों को लेकर चल रहे विवाद को भी सामने रखा। सरकार की ओर से कहा गया कि लोकभवन ने कुलपति नियुक्ति से संबंधित राज्य सरकार के विधेयकों को रोका, जिससे विश्वविद्यालयों में नियुक्तियों और प्रशासनिक प्रक्रिया पर असर पड़ रहा है।

इस पूरे मामले में आरएसएस के हस्तक्षेप की बात भी उठी। अभी बागबानी विश्वविद्यालय और कृषि विश्वविद्यालय में रेगुलर कुलपति की नियुक्ति नहीं हो पाई है। प्रदेश के शिक्षा मॉडल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में मेरिट से कोई समझौता नहीं किया जा रहा है। भर्ती प्रक्रिया को और पारदर्शी बनाने की दिशा में सरकार आगे बढ़ रही है। विश्वविद्यालयों में भर्तियों को लेकर सरकार नया कानून लेकर आई है और इसके तहत भर्तियां लोकसेवा आयोग के माध्यम से कराने की तैयारी है। बैठक में सरकारी स्कूलों को मजबूत करने, शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, पेपरलीक पर रोक, डिजिटल शिक्षा और युवाओं को रोजगार से जोडऩे वाले पाठ्यक्रमों पर चर्चा हुई।

क्वालिटी एजुकेशन पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल सरकार का जोर अब केवल स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं है। सरकार का लक्ष्य सरकारी शिक्षा व्यवस्था में गुणवत्ता, आधुनिक अधोसंरचना, तकनीक और रोजगारपरक शिक्षा को एक साथ आगे बढ़ाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश 21वें स्थान से पांचवें स्थान तक पहुंचा है। उन्होंने कहा कि हिमाचल अब पूर्ण साक्षर राज्य बन चुका है और सरकार का अगला फोकस शिक्षा की गुणवत्ता और विद्यार्थियों को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने पर है।

देश में एसआईआर को लेकर कांग्रेस चिंतित

शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने मंगलवार को नई दिल्ली स्थित इंदिरा भवन में आयोजित कांग्रेस कार्य समिति की महत्त्वपूर्ण बैठक में भाग लिया। बैठक में लोकतंत्र, संविधान और देश की चुनावी व्यवस्था से जुड़े महत्त्वपूर्ण विषयों पर गंभीर चर्चा हुई। विशेष रूप से मतदाता सूचियों में बदलाव एसआईआर और चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर कांग्रेस ने अपनी चिंताएं सामने रखीं। रोहित ठाकुर ने कहा कि वोट हमारे लोकतांत्रिक संघर्ष की महत्त्वपूर्ण उपलब्धि और हर नागरिक का सबसे अधिकार है। मतदाता के अधिकार और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता से किसी भी प्रकार का समझौता लोकतंत्र के लिए गंभीर विषय है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। हम अपनी नैतिक और लोकतांत्रिक जिम्मेदारी निभाते हुए संविधान, लोकतंत्र और मताधिकार की रक्षा के लिए पूरी ताकत के साथ खड़े रहेंगे।