धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में इस मानसून सीजन में भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से मची तबाही का ग्राउंड जीरो पर आकलन करने के लिए मंगलवार को अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय दल फील्ड में उतरा। गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव एम. रामचंद्रुडू के नेतृत्व में इस उच्च स्तरीय टीम ने सुधेड़, मकलोडगंज का खड़ा डंडा रोड और बोह घाटी का दौरा कर आपदा के जख्मों को करीब से देखा। इस दौरान संयुक्त सचिव एम. रामचंद्रुडू ने बताया कि सहायता मानकों में बदलाव की प्रक्रिया केंद्र स्तर पर अंतिम चरण में है और प्रदेश के हितों को केंद्र सरकार के समक्ष मजबूती से रखा जाएगा। सुधेड़ में उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा ने टीम को क्षतिग्रस्त सडक़ों और प्रभावित इलाकों की भयावह स्थिति से अवगत कराया। उपायुक्त ने बताया कि इस मानसूनी आपदा ने 15 लोगों की जान ले ली और 76 पशुधन का नुकसान हुआ।

सबसे गहरी चोट लोक निर्माण और जल शक्ति विभाग को लगी है। नूरपुर, देहरा और पालमपुर सर्किल में 854 किलोमीटर सडक़ें क्षतिग्रस्त होने से करीब 269.77 करोड़ रुपए का नुकसान आंका गया है। 428 पेयजल योजनाएं प्रभावित होने से 64.06 करोड़ रुपए की चपत लगी है। तबाही की असल तस्वीर देखने के लिए केंद्रीय दल शाहपुर विधानसभा क्षेत्र की बोह घाटी भी पहुंचा। यहां उपायुक्त ने बताया कि बीते 21 जुलाई को भारी बारिश के कारण घडग़ूं गांव के 22 परिवारों के 95 लोग प्रभावित हुए थे, जिन्हें त्वरित राहत देते हुए अस्थायी कैंपों में भेजा गया था। इसी दौरान उपायुक्त ने राज्य सरकार द्वारा राहत राशि 1.30 लाख से बढ़ाकर आठ लाख रुपए किए जाने का हवाला देते हुए केंद्र से भी आपदा राहत मापदंडों में संशोधन की मांग की।
तिब्बती धर्मगुरु दलाईलामा से लिया आशीर्वाद
इस महत्त्वपूर्ण दौरे के बीच केंद्रीय दल ने धर्मशाला स्थित विश्व प्रसिद्ध एचपीसीए क्रिकेट स्टेडियम का भी मुआयना किया और अधिकारियों से जानकारी जुटाई। इसके बाद मकलोडगंज में टीम के सदस्यों ने तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा से शिष्टाचार भेंट की। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। कांगड़ा जिले में तबाही का विस्तृत जायजा लेने के बाद जल शक्ति, ग्रामीण विकास और इसरो के अधिकारियों (डॉ. शशिवर्धन रेड्डी) वाली यह टीम अपने अगले पड़ाव कुल्लू के नुकसान का आकलन करने के लिए रवाना हो गई।
सैंज में देखे बरसात के जख्म
सैंज — सैंज घाटी के मातला और सिउंड क्षेत्र में भूस्खलन से पैदा हुए हालात का मंगलवार को केंद्रीय गृह मंत्रालय की टीम ने मौके पर पहुंचकर जायजा लिया। टीम ने प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर भूस्खलन से हुए नुकसान, मौजूदा स्थिति, सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासन की ओर से चलाए जा रहे राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी जुटाई। निरीक्षण के बाद टीम की ओर से विस्तृत रिपोर्ट केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजी जाएगी। टीम ने नुकसान का बारीकी से निरीक्षण किया।



