Early Signs of Anemia In Children: भारत में एनीमिया स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों में से एक है, जो शरीर में पोषक तत्वों की कमी और आयरन रिच फूड की कमी के कारण होती है। एनीमिया तब होता है, जब शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं या हीमोग्लोबिन की कमी होती है। एनीमिया का असर संपूर्ण शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ता है।

इसके कारण कमजोरी, थकान, सिर दर्द, चक्कर आना, हाथपैर ठंडे रहना, सांस फूलना और चेहरे व होंठों का पीला पड़ना जैसे लक्षण दिख सकते हैं। अगर समय रहते इस पर ध्यान न दिया जाए, तो यह गंभीर रूप ले सकता है और दिल से जुड़ी समस्याएं भी पैदा कर सकता है।

इससे बचने के लिए आयरन और फोलिक एसिड से भरपूर आहार लेना जरूरी है, जैसे हरी पत्तेदार सब्जियां, चुकंदर, अनार, सेब, गुड़, दालें और सूखे मेवे। साथ ही, विटामिन सी वाले फलों जैसे संतरा, आंवला और नींबू का सेवन करना चाहिए, क्योंकि यह आयरन के अवशोषण में मदद करता है।

बच्चों में एनीमिया के लक्षण

  • थकान और कमजोरी

एनीमिया से ग्रसित बच्चे जल्दी थक जाते हैं और उन्हें कमजोरी बहुत ज्यादा महसूस होती है। जिसके कारण वह हमेशा सुस्त रहने लगते हैं। साथ ही शरीर में आयरन की कमी होने से हमेशा नींद आती है और पढ़ाई में भी ज्यादा मन नहीं लगता है। अगर आपके बच्चे में भी यह लक्षण दिखाई दे रहे हैं, तो डॉक्टर से संपर्क करें।

एनीमिया

  • त्वचा और होंठ पीले पड़ना

एनीमिया होने के कारण बच्चों के होंठ और त्वचा पीली पड़ जाती है, जिससे उनका रंग बहुत ज्यादा बुझाबुझा सा हो जाता है। ऐसे में, अगर आपको अपने बच्चे की त्वचा पीली नजर आ रही है, तो इसका मतलब कि आपके बच्चे में हीमोग्लोबिन की कमी है। ऐसी स्थिति में डॉक्टर की सलाह से उसका ब्लड टेस्ट करवाएं।

एनीमिया

  • बारबार बीमार पड़ना

अगर आपका बच्चा बारबार बीमार पड़ता है, तो यह भी एनीमिया का संकेत हो सकता है। दरअसल, शरीर में के कारण इम्यून सिस्टम कमजोर हो जाता है, जिसके कारण बीमारियों और संक्रमण की चपेट में आने की संभावना बढ़ जाती है। अगर आपका बच्चा जल्दीजल्दी बीमार पड़ रहा है, तो डॉक्टर से उचित परामर्श लें।

  • चिड़चिड़ापन

बच्चों में एनीमिया होने से उनके पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। जिसके कारण वह काफी चिड़चिड़े हो जाते हैं। ऐसे में, उनका पढ़ाई में भी मन नहीं लगता है और ना ही खेलकूद में ज्यादा दिलचस्पी दिखाते हैं।

एनीमिया

  • सांस लेने में परेशानी

एनीमिया होने पर बच्चों को सांस लेने में परेशानी महसूस होने लगती है। अक्सर बच्चे जब भी कोई खेलकूद या किसी गतिविधि में शामिल होते हैं, तो इससे उनकी सांस फूलने लगती है और वह जल्दी थक जाते हैं। अगर आपके बच्चे में ये लक्षण दिखाई दे रहे हैं, तो इसे बिल्कुल भी नजरअंदाज न करें।