
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने शनिवार को कहा कि बीते रोज 54 लाख से अधिक एलपीजी सिलिंडर वितरित किए गए हैं। भले ही पश्चिम एशिया में चल रही जंग ने सप्लाई चेन को प्रभावित किया है मगर घरेलू एलपीजी सिलिंडरों की डिलीवरी सामान्य रूप से चल रही है।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार, एलपीजी वितरण केंद्रों पर कोई कमी नहीं है और ऑनलाइन एलपीजी सिलेंडर बुकिंग 91 प्रतिशत तक बढ़ गई है। डिस्ट्रीब्यूशन स्तर पर गोलमाल रोकने के लिए डिलीवरी आथेंटिकेशन कोड (डीएसी) आधारित डिलीवरी को 53 प्रतिशत (फरवरी 2026) से बढ़ाकर अब 84 प्रतिशत कर दिया गया है।
मंत्रालय ने बताया कि सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं और पर्याप्त कच्चे तेल का भंडार मौजूद है। आधिकारिक बयान में कहा गया – ‘देश में पेट्रोल और डीजल के पर्याप्त भंडार बनाए रखे जा रहे हैं। घरेलू खपत की पर्याप्त पूर्ति के लिए रिफाइनरियों से घरेलू एलपीजी उत्पादन बढ़ा दिया गया है।’
उपभोक्ताओं को घरेलू पीएनजी और परिवहन के लिए सीएनजी की 100 प्रतिशत आपूर्ति दी जा रही है। औद्योगिक और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को उनके औसत उपभोग का 80 प्रतिशत आपूर्ति मिल रही है।
बयान में कहा गया कि एलपीजी की जमाखोरी और कालाबाजारी को रोकने के लिए राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में लगातार छापे मारे जा रहे हैं। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। अब तक लगभग 2,900 छापे मारे जा चुके हैं और शुक्रवार को 1,700 से ज्यादा सिलिंडर जब्त किए गए हैं।
अब तक एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटरों को 390 से ज्यादा कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। इस बीच सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी को 10 रुपये प्रति लीटर कम कर दिया है।




