देश की जीडीपी हो, या फिर जीएसटी कलेक्शन या फिर इनकम टैक्स और कॉरेपोरेट टैक्स कलेक्शन सभी में डाटा काफी अहम होता है. जब बात शेयर बाजार की आती है तो यहां आंकड़ों का महत्व और भी ज्यादा बढ़ जाता है. सेंसेक्स कितना गिरा, निफ्टी कितना ऊपर उठा या फिर निवेशकों को कितने लाख करोड़ रुपए का नुकसान हो गया. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। सभी में डाटा काफी अहम है. आज बात शेयर बाजार की काफी इसलिए हो जाती है, क्योंकि निफ्टी लगातार 8वें हफ्ते गिरावट की ओर जा रहा है.

8 हफ्ते खत्म होने से पहले ही निफ्टी में 7.50 फीसदी से ज्यादा की गिरावट देखने को मिल चुकी है. वो भी ऐसे समय में जब एनएसई का हाल ही में आईपीओ आया और बीएसई में लिस्ट हुआ. इस दौरान एनएसई की वैल्यूएशन या यूं कहें कि निवेशकों को 39 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हो चुका है. आइए डाटा से समझने की कोशिश करते हैं कि आखिर निफ्टी में किस तरह की गिरावट देखने को मिली. 8 हफ्ते पहले निफ्टी किस लेवल पर था? अब किस लेवल पर कारोबार कर रहा है? इस दौरान निवेशकों को किस तरह से और कितना नुकसान हो चुका है?
8 हफ्ते खत्म होने से निफ्टी कितना गिरा?
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के डाटा को देखें तो 7 अगस्त के बाद से अभी तक निफ्टी में 7.78 फीसदी की गिरावट देखने को मिल चुकी है. 7 अगस्त के दिन जब शेयर बाजार बंद हुआ था, तब निफ्टी 24570.65 अंकों के लेवल पर था. वहीं 30 सितंबर को निफ्टी 22659.80 अंकों के दिन के लोअर लेवल पर दिखाई दिया. इसका मतलब है कि 8 हफ्ते खत्म होने से पहले ही निफ्टी में 1,910.85 अंकों की गिरावट देखने को मिल चुकी है.
वहीं बात पूरे 7 हफ्तों की बात करें तो निफ्टी में 5.82 फीसदी की गिरावट देखने को मिल चुकी है. 25 सितंबर को जब शेयर बाजार बंद हुआ था, तब निफ्टी 23140.50 के लेवल पर आ गया था. ऐसे में 7 अगस्त के बाद 7 हफ्तों में निफ्टी में 1,430.15 अंकों की गिरावट देखने को मिल चुकी है. अगर बात मौजूदा हफ्ते की करें तो निफ्टी में 2 फीसदी से ज्यादा यानी 480.7 अंकों की गिरावट देखी जा चुकी है.
ऐसे लगातार गिरता रहा है निफ्टी का लेवल
जैसा कि हमने आपको पहले भी बताया कि निफ्टी 7 अगस्त को 24570.65 अंकों पर था, जिसके बाद पहले हफ्ते में निफ्टी में 204.65 अंकों की गिरावट आई और 14 अगस्त 24366 अंकों के लेवल पर बंद हुआ. वहीं दूसरे हफ्ते में 114 अंकों की गिरावट देखने को मिली और 21 अगस्त को आंकड़ा 24252 अंकों पर आकर खिसक गया. तीसरे हफ्ते में गिरावट थोड़ी कम हुई और 76.35 अंकों की कमी के साथ निफ्टी 28 अगस्त को 24175.65 अंकों पर आकर गिर गया. चौथे हफ्ते में 277.95 अंकों की बड़ी गिरावट देखी गई और 4 सितंबर को निफ्टी 23897.70 अंकों पर आकर गिर गया.
5 हफ्ते में निफ्टी 499.6 अंकों की और बड़ी गिरावट आई और 11 सितंबर को लेवल 23398.10 अकों पर आ गया. 6 हफ्ते में निफ्टी में 51.7 अंकों की मामूली गिरावट देखी गई और निफ्टी 18 सितंबर को 23346.40 अंकों पर आकर दिखाई दिया. 7 हफ्ते में निफ्टी में फिर 205.9 अंकों की बड़ी गिरावट देखी गई और आंकड़ा 23140.50 अंकों पर देखा गया. 8 हफ्ता अभी तक खत्म नहीं हुआ है और 480.7 अंकों तक की गिरावट देखने को मिल चुकी है. निफ्टी 30 सितंबर को 22659.80 अंकों के साथ दिन के लोअर लेवल पर दिखाई दिया.
निवेशकों को कितना हुआ नुकसान
शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक निफ्टी में लगातार गिरावट की वजह से निवेशकों को काफी मोटा नुकसान हो चुका है. आइए इसे आंकड़ों की जुबानी समझने की कोशिश करते हैं. पहले आपको बता दें कि निवेशकों का नुकसान एनएसई के मार्केट कैप के गिरने से जुड़ा हुआ है. 30 सितंबर को जब निफ्टी दिन के लोअर लेवल पर था, तो निफ्टी का मार्केट कैप 465.11 लाख करोड़ रुपए था. वहीं 7 अगस्त को निफ्टी का मार्केट कैप 504.33 लाख करोड़ करोड़ रुपए देखने को मिला था. इसका मतलब है कि 8 हफ्ते खत्म होने से पहले ही निफ्टी का मार्केट कैप 39.22 लाख करोड़ रुपए कम हो गया. 25 सितंबर को निफ्टी का मार्केट कैप 474.98 लाख करोड़ रुपए था. इसका मतलब है कि 7 हफ्तों में निफ्टी की वैल्यूएशन 29.35 लाख करोड़ रुपए कम हुई थी. मौजूदा हफ्ते की बात करें तो 9.87 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हो चुका है.
क्या टूटेगा 25 साल का रिकॉर्ड?
निफ्टी 50 एक हफ़्ते की क्लोजिंग के साथ ही एक ऐसे माइलस्टोन के करीब है जो आखिरी बार 25 साल पहले देखा गया था. लगातार सातवें हफ्ते गिरावट के साथ बंद होने के बाद, अगर इस हफ्ते बाजार में तेजी नहीं आती है, तो बेंचमार्क इंडेक्स लगातार आठवें हफ्ते भी नुकसान दर्ज करेगा. यह 2001 के बाद से लगातार गिरावट का सबसे लंबा दौर होगा, जब Nifty लगातार नौ हफ्तों तक गिरा था.
फिर भी, मौजूदा गिरावट पहले के लंबे समय तक चली गिरावट के मुकाबले काफी कम गंभीर है. 25 सितंबर को खत्म हुए हफ्ते के आखिर में Nifty50 23,140.5 पर था, और सात हफ्तों में कुल गिरावट 5.8 फीसदी रही. इसकी तुलना 21 सितंबर, 2001 को खत्म हुए सात हफ्तों के गिरावट के दौर में 20.5 फीसदी के नुकसान, 4 जुलाई, 2008 को खत्म हुए दौर में 22.1 फीसदी और 3 अप्रैल, 2020 को खत्म हुए सात हफ्तों के दौर में 33.3 फीसदी के नुकसान से की जा सकती है. इंडेक्स में लगातार गिरावट का सबसे लंबा दौर 23 अप्रैल, 1993 को खत्म हुई अवधि में 10 हफ्तों का था, जब यह 22.9 फीसदी गिरा था.
निफ्टी 13 अप्रैल, 2001 को खत्म हुई अवधि में भी नौ हफ्तों तक गिरा था और 27.1 फीसदी का नुकसान हुआ था. निफ्टी50 को आधिकारिक तौर पर 22 अप्रैल, 1996 को लॉन्च किया गया था, जबकि पहले की अवधि के लिए कैलकुलेशन बाद में किए गए थे. इस हफ्ते से पहले, बेंचमार्क ने पिछले 25 सालों में केवल चार बार लगातार सात या उससे ज्यादा हफ्तों तक गिरावट दर्ज की थी—2020 में, 2008 में और दो बार 2001 में. लगातार आठवें हफ्ते गिरावट की संभावना ने अब बाजार की आम गिरावट को एक रिकॉर्ड बनने की घटना में बदल दिया है.


