Gold Coin Buying Tips:धनतेरस, दिवाली और शादी के मौके पर सोने का सिक्का खरीदना कई लोगों को पसंद होता है। कुछ लोग इसे निवेश के लिए खरीदते हैं, तो कुछ शुभ अवसर पर उपहार देने के लिए। बाजार में अलगअलग वजन और शुद्धता के सिक्के मिलते हैं। ऐसे में खरीदारी करते समय केवल सोने का भाव देखना काफी नहीं है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। अगर सिक्के की शुद्धता, वजन और दूसरी जरूरी बातें जांचे बिना खरीदारी की जाए, तो बाद में उसे बेचते समय परेशानी हो सकती है।

22 और 24 कैरेट Gold Coin में अंतर समझें

सोने का सिक्का खरीदते समय सबसे पहले उसकी शुद्धता देखें। 24 कैरेट सोना करीब 99.9 प्रतिशत शुद्ध होता है, जबकि 22 कैरेट सोने में लगभग 91.6 प्रतिशत सोना होता है। निवेश के लिए आमतौर पर 24 कैरेट के सिक्के खरीदे जाते हैं। सिक्का लेते समय उस पर लिखी कैरेट और शुद्धता की जानकारी जरूर जांचें।

BIS Hallmark और शुद्धता का प्रमाण देखें

सिक्का खरीदते समय उसकी शुद्धता का भरोसेमंद प्रमाण मांगें। BIS से लाइसेंस प्राप्त रिफाइनरी या मिंट 999 और 995 शुद्धता वाले सोने के सिक्कों पर हॉलमार्क लगा सकते हैं। ध्यान रखें कि सोने के सिक्कों पर HUID नंबर होना हर मामले में जरूरी नहीं है। इसलिए विक्रेता से सिक्के का प्रमाणपत्र और निर्माता की जानकारी जरूर लें।

सिक्के का वजन और पैकिंग जांचें

सोने का सिक्का बाजार में 1 ग्राम, 2 ग्राम, 5 ग्राम और 10 ग्राम जैसे अलगअलग वजन में मिलते हैं। खरीदने से पहले सिक्के का वजन और उसकी कीमत जरूर मिलाएं। अगर सिक्का सीलबंद पैकिंग में है, तो उसे खुलवाने से पहले विक्रेता से वापसी और बदलने के नियम पूछ लें। पैकिंग और बिल को सुरक्षित रखना भी जरूरी है।

मेकिंग चार्ज और GST का हिसाब पूछें

सोने के सिक्के की कीमत में केवल सोने का भाव शामिल नहीं होता। दुकानदार मेकिंग चार्ज या पैकिंग शुल्क भी ले सकता है। इसके अलावा सोने के सिक्के पर 3 प्रतिशत GST लगता है। इसलिए भुगतान करने से पहले सोने की कीमत, अतिरिक्त शुल्क और GST का पूरा हिसाब पूछें। इससे पता चलेगा कि आपको सिक्का कुल कितने रुपये में मिल रहा है।

बैंक और ज्वेलरी शोरूम के नियम समझें

बैंक और ज्वेलरी शोरूम दोनों जगह सोने के सिक्के मिल सकते हैं। लेकिन खरीदने से पहले यह जरूर पूछें कि सिक्का किस कंपनी या रिफाइनरी का है और उसकी शुद्धता का प्रमाण क्या है। बैंक से खरीदा गया सिक्का बैंक वापस खरीदेगा ही, यह जरूरी नहीं है। इसलिए खरीदारी से पहले वापसी के नियम साफ कर लें।

बेचने पर कितनी कीमत मिलेगी, पता करें

सोने का सिक्का खरीदते समय उसे दोबारा बेचने की शर्तें भी समझें। हर दुकानदार दूसरे शोरूम से खरीदे गए सिक्के को वापस नहीं लेता। कुछ विक्रेता सिक्के की शुद्धता जांचने के बाद ही कीमत तय करते हैं। इसलिए पहले ही पूछ लें कि बेचने पर कितनी कटौती होगी और बायबैक की क्या शर्तें हैं।

पक्का बिल लेना न भूलें

सिक्का खरीदने के बाद पक्का बिल जरूर लें। बिल में सिक्के का वजन, शुद्धता, सोने का भाव, मेकिंग चार्ज और GST का विवरण होना चाहिए। अगर दुकानदार प्रमाणपत्र देता है, तो उसे भी संभालकर रखें। आगे चलकर सिक्का बेचने या उसकी शुद्धता से जुड़ी जानकारी देने में ये दस्तावेज काम आ सकते हैं।

ध्यान रखें: सोने का सिक्का खरीदते समय जल्दबाजी न करें। शुद्धता, वजन, कुल कीमत और वापस बेचने के नियम समझकर ही खरीदारी करें।