उत्तर प्रदेश में ट्रैफिक चालान एप में तकनीकी गड़बड़ी सामने आई है. एप अपडेट होने के बाद वाहन चालकों को चालान की रकम वास्तविक जुर्माने से दस गुना ज्यादा दिखाई देने की शिकायत मिली है. कई मामलों में 1,000 रुपये का चालान 10,000 रुपये दिखने की बात सामने आई है. शिकायतों के मुताबिक, करीब 5 फीसदी चालानों में इस तरह की समस्या देखी गई है. तकनीकी खामी के कारण वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

बताया जा रहा है कि एप अपडेट होने के बाद डाटा सिंक होने में दिक्कत आ रही है, जिसकी वजह से चालान की रकम गलत दिखाई दे रही है. इस मामले में परिवहन आयुक्त आशुतोष निरंजन का कहना है कि हमने दिल्ली में NIC से शिकात की है… जल्द ही तकनीकी गड़बड़ी को सही कर लिया जाएगा.
रोजाना 40 हजार से ज्यादा वाहनों के चालान
उत्तर प्रदेश में हर दिन करीब 40 हजार से अधिक वाहनों का चालान किया जाता है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। ऐसे में एप में आई तकनीकी गड़बड़ी का असर बड़ी संख्या में वाहन चालकों पर पड़ने की आशंका है. चालान की रकम गलत दिखाई देने से वाहन मालिकों में भ्रम की स्थिति बन सकती है.
जांच के लिए NIC से मांगी जाएगी मदद
इस तकनीकी समस्या के समाधान के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने आईटी मंत्रालय से संपर्क किया है. राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र से मामले की जांच और तकनीकी हस्तक्षेप का अनुरोध किया जाएगा. परिवहन आयुक्त आशुतोष निरंजन ने कहा है कि तकनीकी समस्या की जांच के लिए NIC से अनुरोध किया जाएगा. जांच के बाद ही गड़बड़ी की वजह और इसे ठीक करने के लिए उठाए जाने वाले कदमों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.


