Pakistan News: पड़ोसी देश पाकिस्तान इन दिनों कर्म का फल भोग रहा है. बलूचिस्तान से लेकर गुलाम कश्मीर तक कोहराम मचा हुआ है. दोनों क्षेत्रों के लोग पाकिस्तान से आजादी की मांग कर रहे हैं. बलूचिस्तान में तो वहां की जनता ने खुद को आजाद भी घोषित कर दिया है. इससे प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और आर्मी चीफ फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के माथे से पसीना टपकने लगा है. इस बीच, बलूच लिब्रेशन आर्मी की तरफ से बड़ा दावा किया गया है. BLA का कहना है कि 1 जुलाई से 14 जुलाई के बीच उसके लड़ाकों की तरफ से 48 हमले किए गए. इन हमलों में पाकिस्तानी सेना के 40 से ज्यादा सैनिकों के मारे जाने का भी दावा किया गया है. BLA के दावों पर यकीन किया जाए तो बलूचिस्तान में पाकिस्तान सरकार और सेना की चूलें हिला दी गई हैं.

बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी ने दावा किया है कि उसने 1 से 14 जुलाई के बीच बलूचिस्तान के विभिन्न इलाकों में कुल 48 हमले किए, जिनमें 40 से अधिक पाकिस्तानी सैनिक मारे गए. हालांकि, इन दावों की पाकिस्तान सरकार या सेना की ओर से स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है और न ही आधिकारिक तौर पर इन आंकड़ों की पुष्टि की गई है. BLA के अनुसार, 1 जुलाई को मस्तुंग के दश्त इलाके में पाकिस्तानी सेना के एक सप्लाई वाहन पर हमला कर दो सैनिकों को मार दिया गया. इसी दिन नोश्की और पंजगुर में मालवाहक वाहनों को भी निशाना बनाए जाने की बात कही गई है. 3 जुलाई को नोश्की के जरीन जंगल में IED विस्फोट से सैन्य वाहन पर हमला कर दो सैनिकों को मारने तथा मस्तुंग में सिबी रोड पर हमला कर एक पुल को नुकसान पहुंचाने का दावा किया गया.
रोड और ब्रिज को उड़ाने का दावा
BLA ने 3 और 4 जुलाई के दौरान हरनाईशहराग और जियारत मार्गों पर दो दिनों तक नियंत्रण बनाए रखने तथा नोश्कीखारान रोड के दो पुलों को विस्फोट से उड़ाने की भी बात कही है. 4 जुलाई को केच जिले के टंप क्षेत्र में सैन्य वाहनों और जवानों पर विस्फोटक एवं गोलीबारी से हमला कर दो सैनिकों के मारे जाने का दावा किया गया है. 5 जुलाई को BLA ने अहमद वाल पुलिस स्टेशन पर कब्जा कर उसमें आग लगाने और हिरासत में लिए गए तीन पुलिसकर्मियों को चेतावनी देकर छोड़ने का दावा किया. इसके अलावा केच में एक सैन्य कैंप पर ग्रेनेड हमला करने की भी बात कही गई. 6 जुलाई को सुराब में खनिज ले जा रहे वाहन को आग लगाने और खुजदार में सैन्य वाहन पर IED हमला करने का दावा किया गया है.
BLA के अनुसार, 7 जुलाई को हरनाईज़ियारत क्षेत्र में सबसे बड़ा हमला हुआ, जिसमें शुरुआती हमले में तीन तथा बाद की घात लगाकर की गई कार्रवाई में सात से अधिक सैनिक मारे गए. संगठन ने इस दौरान अपने तीन लड़ाकों के मारे जाने की भी बात स्वीकार की. 8 और 9 जुलाई को कलात और वाशुक में सैन्य ठिकानों तथा काफिलों पर हमलों का दावा किया गया, जबकि 10 से 14 जुलाई के बीच बुलेदा, नोश्की, सुराब, खारान, पंजगुर और कलात सहित कई इलाकों में सैन्य चौकियों, पुलों और हाईवे को निशाना बनाने की बात कही गई. BLA का कहना है कि इन अभियानों के दौरान उसने कई सैन्य चौकियों पर कब्जा किया, पुलों को क्षतिग्रस्त किया और सुरक्षा बलों को भारी नुकसान पहुंचाया. हालांकि, इन सभी दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है और पाकिस्तानी सेना की ओर से इस संबंध में विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.



