अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच की मांग संबंधी याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट कल को सुनवाई करेगा. वहीं कल सुनवाई से पहले यूपी सरकार की तरफ से गठित एसआईटी ने स्टेट्स रिपोर्ट दाखिल कर दी है. SIT ने सुप्रीम कोर्ट में यह स्टेट्स रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में दाखिल की है. अब इस मामले पर CJI सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन जजों की बेंच कल सुनवाई करेगी.

बता दें कि अयोध्या राम मंदिर चंदा चोरी मामले की पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने SIT से स्टेट्स रिपोर्ट तलब की थी. साथ ही कोर्ट ने राम मंदिर ट्रस्ट को नोटिस भी भेजा था.
सुप्रीम कोर्ट ने तलब किया था रिपोर्ट
दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने 13 जुलाई को इन याचिकाओं पर सुनवाई के लिए सहमति जताते हुए कहा था, कुछ रिट याचिकाओं में यह कहा गया है कि इस मामले में पहले ही कुछ एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं और जांच के लिए एक एसआईटी का गठन किया गया है. इसलिए हम उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित एसआईटी को निर्देश देते हैं कि वह इस कोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट पेश करे. पीठ ने इस मामले में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को भी नोटिस जारी कर उसका जवाब मांगा था.
टिन्नू यादव और मनीष यादव से पूछताछ खत्म
वहीं चंदा चोरी मामले में टिन्नू यादव और मनीष यादव से पूछताछ खत्म हो चुकी है. बताया जा रहा है कि पुलिस ने कई सबूत भी इकट्ठा किए हैं. साथ ही टिन्नू यादव की बुलेट मोटरसाइकिल और अर्टिगा कार को पुलिस ने जब्त कर लिया है. पुलिस को दोनों वाहन चोरी के पैसों से खरीदे जाने की जानकारी मिली है. टिन्नू यादव से उसके फर्म से जुड़े दस्तावेज, GST फाइलिंग, बैंक और प्रॉपर्टी से जुड़े दस्तावेज पुलिस पहले ही कब्जे में ले चुकी है. हालांकि मनीष यादव से कोई विशेष बरामदगी नहीं हुई है.
आरोपियों को जेल में नहीं मिल रही VIP सुविधा
चंदा चोरी के मामले में निरुद्ध आरोपियों को जेल में वीआईपी ट्रीटमेंट दिए जाने संबंधी समाचारपत्रों और डिजिटल मीडिया में प्रकाशित खबरों का अयोध्या जिला कारागार प्रशासन ने खंडन किया है. जिला कारागार के अधीक्षक मुकेश कुमार ने रविवार को साफ किया कि इस मामले में कुल आठ आरोपी कारागार में निरुद्ध हैं और उन्हें किसी प्रकार की विशेष सुविधा उपलब्ध नहीं कराई जा रही है.
सीसीटीवी कैमरों से की जा रही निगरानी
जेल अधीक्षक मुकेश कुमार ने बयान जारी करते हुए कहा कि चढ़ावा चोरी के आरोपियों को वीआईपी ट्रीटमेंट दिए जाने संबंधी खबरें पूरी तरह तथ्यहीन हैं. कारागार में सभी बंदियों अथवा आरोपियों के साथ नियमानुसार व्यवहार किया जा रहा है. किसी को भी नियमों से हटकर कोई विशेष सुविधा प्रदान नहीं की गई है.
जेल प्रशासन ने मीडिया में प्रसारित ऐसी खबरों का औपचारिक रूप से खंडन किया है. सभी आठों आरोपियों को कारागार की हाई सिक्योरिटी बैरक में सुरक्षा व्यवस्था के बीच रखा गया है. उनकी गतिविधियों पर लगातार सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से कड़ी निगरानी की जा रही है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। सभी बंदी हर समय कैमरों की जद में रहते हैं, आवश्यकता पड़ने पर किसी भी समय सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा सकती है.
इनपुट: अभिजीत ठाकुर



