आम लोगों को हर दिन अनजान 10 अंकों वाले नंबरों से कई तरह के कॉल आते हैं. इनमें से कई कॉल गैस, बिजली या कूरियर कंपनी के नाम पर किए जाते हैं, जो अक्सर धोखाधड़ी का जरिया बनते हैं. अब ऐसी अनचाही और फर्जी कॉलों पर लगाम लगाने के लिए भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण ने एक बड़ा कदम उठाया है. 10 अगस्त 2026 को ट्राई ने एक नई व्यवस्था की शुरुआत की है, जिससे ग्राहकों के लिए असली और फर्जी कॉल के बीच पहचान करना बेहद आसान हो जाएगा.

फर्जी कॉल्स की छुट्टी करने की नई तैयारी

ज्यादातर जालसाज आम 10अंकीय नंबरों का इस्तेमाल करके खुद को किसी बड़ी कंपनी का नुमाइंदा बताते हैं और लोगों को अपना शिकार बनाते हैं. इस समस्या से निपटने के लिए ट्राई ने ‘1601’ नंबर श्रृंखला के पहले चरण को लागू कर दिया है. अब वैध व्यवसायों को 1601 से शुरू होने वाले विशेष नंबर दिए जाएंगे. इससे उपभोक्ताओं को यह समझने में आसानी होगी कि आने वाली कॉल किसी प्रामाणिक सेवा प्रदाता की है या किसी धोखेबाज की. इस पहल का मुख्य उद्देश्य वॉयसआधारित संचार में आम जनता का विश्वास मजबूत करना है.

किन सेवाओं के लिए इस्तेमाल होगा 1601 नंबर

ट्राई के इस नए नियम के पहले चरण में यूटिलिटी और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को शामिल किया गया है. इसका सीधा मतलब यह है कि अब बिजली वितरण कंपनियां, जल उपयोगिताएं, शहर गैस वितरण कंपनियां और एलपीजी वितरण संस्थाएं इस नए नंबर का इस्तेमाल करेंगी. इसके साथ ही कूरियर कंपनियां, एक्सप्रेस लॉजिस्टिक्स और पार्सल डिलीवरी सेवा प्रदाताओं को भी इसी 1601 श्रृंखला के दायरे में रखा गया है. हालांकि, बैंकिंग, वित्तीय सेवा, बीमा और सरकारी संस्थाओं के लिए पहले की तरह ही ‘1600’ श्रृंखला जारी रहेगी, ताकि महत्वपूर्ण वित्तीय कॉल्स अन्य सेवाओं के साथ मिश्रित न हों.

कंपनियों को 90 दिन का अल्टीमेटम

नई व्यवस्था को जल्द से जल्द जमीन पर उतारने के लिए दूरसंचार सेवा प्रदाताओं को सख्त निर्देश दिए गए हैं. ट्राई ने आदेश जारी होने की तिथि से 90 दिनों के भीतर पात्र संस्थाओं का माइग्रेशन और ऑनबोर्डिंग पूरा करने का समय दिया है. सबसे खास बात यह है कि 1601 श्रृंखला के नंबर उचित सत्यापन के बाद सीधे पात्र संस्थाओं को ही आवंटित किए जाएंगे. इस प्रक्रिया में बिचौलियों या एग्रीगेटरों को पूरी तरह से बाहर रखा गया है, ताकि नंबरों के दुरुपयोग की कोई गुंजाइश न बचे.

सिर्फ जरूरी काम की बातें, प्रचार बिल्कुल नहीं

यह नई नंबर श्रृंखला ग्राहकों की सुविधा के लिए बनाई गई है, इसलिए इसका इस्तेमाल केवल सेवा और लेनदेन संबंधी वॉयस कॉल के लिए ही किया जा सकेगा. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। दूरसंचार कंपनियां नंबर आवंटित करने से पहले संस्थाओं से एक वचनपत्र लेंगी. कोई भी कंपनी 1601 नंबर का उपयोग किसी भी तरह की प्रचारात्मक कॉल के लिए नहीं कर सकेगी.